बामड़ा : संबलपुर जिला बामड़ा अंचल के जराबागा पंचायत बेहेरामाल गांव में एक परिवार के चार लोगों ने क्रिश्चियन धर्म से नाता तोड़ कर पुनः हिंदू धर्म अपनाया है। विश्व हिंदू परिषद के प्रयास से मतांतरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। बेहेरामाल गांव के रूबेन कुमार बिलुंग के पुरखों ने किसी कारण वश हिंदू धर्म त्याग कर इसाई धर्म अपना लिया था। लेकिन रूबेन, उनकी पत्नी भारजीनिया, बेटा आशीष और आदर्श ने सनातन संस्कृति में लौटने का मन बनाया। अमलीखमन स्थित खड़िया समाज के जाति गुड़ी के सभापति को बीते पांच जून को लिखित में हिंदू धर्म अपनाने का आग्रह किया था। रूबेन के आग्रह पर खड़िया समाज के सभापति हरिहर टेटे और सचिव राजेन सोरेंग ने खड़िया समाज की विशेष बैठक बुलाकर रूबेन के हिंदू धर्म में वापसी पर चर्चा कर मतांतरण करने को प्रस्ताव पारित किया था। विश्व हिंदू परिषद के सलाह से मतांतरण को सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 11 जून, रविवार के दिन मतांतरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलश शोभायात्रा निकालने समेत धर्म प्रसार विभाग जिला सभापति प्रफुल्ल धान के संयोजन में रूबेन परिवार के सभी सदस्यों के पैर धोकर वंदन किया गया। अंचल के विशिष्ट हिंदूवादी नेता पंडित अलेख पति और संजीव पुरोहित के तत्वावधान में पंचगव्य पान करवाकर, नूतन वस्त्र परिधारण कर श्रीफल प्रदान कर गायत्री महायज्ञ, सर्व देव आह्वान, आरती, पुष्पांजलि, होम पूर्णाहुति, भजन कीर्तन समेत विधिविधान के साथ हिंदू धर्म में मतांतरण किया गया। मतांतरण के बाद हिंदू धर्म संस्कृति रक्षा का शपथ पाठ कराया गया। खड़िया समाज की ओर से रूबेन परिवार को समाज के मुख्यधारा में शामिल होने पर स्वागत करने के साथ सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बिहारीलाल चौहान, अधिवक्ता सपनेश्वर प्रधान, सुशांत केरकेट्टा, सुरेंद्र केरकट्टा, जतिंद्र केरकेट्टा, पुरुषोत्तम पट्टा, पद्मिनी भोई समेत आदि थे।
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