Odisha : स्कूल समय में शराब पीने पर कार्रवाई

Update: 2026-07-02 08:33 GMT

Odisha ओडिशा: भद्रक जिले के चंदबली ब्लॉक में एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर के खिलाफ गंभीर अनुशासनहीनता का मामला सामने आया है। ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (BEO) ने कार्रवाई करते हुए बिनापानी नोडल UPS के हेडमास्टर श्रीनाथ दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर आरोप है कि वे स्कूल समय के दौरान शराब के नशे में थे और ड्यूटी पर उपस्थित हुए, जिसके बाद विभागीय स्तर पर सख्त कदम उठाया गया।

ब्लॉक शिक्षा कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई अनुशासनात्मक प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए की गई है ताकि मामले की निष्पक्ष जांच की जा सके। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आरोपी हेडमास्टर के खिलाफ गंभीर आरोप हैं और उनके व्यवहार को सरकारी सेवा नियमों का उल्लंघन माना गया है।

जानकारी के मुताबिक, यह घटना 30 जून 2026 की बताई जा रही है। आरोप है कि उस दिन स्कूल के निर्धारित समय के दौरान हेडमास्टर श्रीनाथ दास को एक सार्वजनिक बाजार में शराब का सेवन करते हुए देखा गया था। इसके बाद वे कथित रूप से नशे की हालत में स्कूल पहुंचे, जिससे स्कूल के शैक्षणिक माहौल और अनुशासन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।

स्थानीय शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने कर्तव्यों का पालन पूरी जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ करें, लेकिन इस मामले में आरोपित अधिकारी का व्यवहार इसके विपरीत पाया गया। इसी आधार पर उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया है ताकि मामले की निष्पक्ष जांच की जा सके।

ब्लॉक एजुकेशन ऑफिस के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाता है, क्योंकि यह न केवल शिक्षा व्यवस्था की छवि को प्रभावित करता है, बल्कि छात्रों पर भी नकारात्मक असर डालता है। विभाग ने कहा कि स्कूल एक अनुशासित वातावरण का स्थान होता है और वहां इस तरह की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

घटना सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का माहौल बन गया है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस तरह की घटनाओं पर नाराजगी जताई है और स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने की मांग की है। लोगों का कहना है कि शिक्षक और हेडमास्टर जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों से समाज को सही उदाहरण मिलने की उम्मीद होती है, लेकिन इस तरह की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।

शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश भी जारी किए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आरोप कितने सही हैं और क्या घटना के पीछे कोई अन्य पहलू भी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सेवा से बर्खास्तगी तक की कार्रवाई भी संभव है, यदि आरोप साबित होते हैं।

इस घटना के बाद चंदबली ब्लॉक में शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया है और उन्हें जांच पूरी होने तक किसी भी शैक्षणिक या प्रशासनिक कार्य से दूर रखा गया है। शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि स्कूलों में अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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