भुवनेश्वर: राज्य सरकार ने सहायता प्राप्त (एडेड) कॉलेजों के प्रभारी प्रधानाचार्यों को उनकी तैनाती की जगह और भौगोलिक स्थिति के आधार पर 5,000 रुपये से 10,000 रुपये तक का मासिक वित्तीय प्रोत्साहन देने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस पर राज्य सरकार को सालाना 6 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
उम्मीद है कि इस फैसले से कॉलेज के शिक्षकों को संस्थानों का प्रमुख बनने की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, खासकर उन कॉलेजों में जो दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में स्थित हैं। इससे राज्य भर के निजी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों की 488 और 662 श्रेणियों के लगभग 641 कॉलेजों के प्रभारी प्रधानाचार्यों को फायदा होगा।
मंजूर किए गए प्रस्ताव के अनुसार, जो प्रभारी प्रधानाचार्य अपने गृह जिलों या विकसित शहरी इलाकों में तैनात हैं, उन्हें 5,000 रुपये का मासिक प्रोत्साहन मिलेगा। जो लोग अपने गृह जिलों से बाहर तैनात हैं, वे 7,000 रुपये प्रति माह पाने के हकदार होंगे।
इसी तरह, जो प्रधानाचार्य अपने गृह जिलों या निवास स्थान से 300 किमी दूर तैनात हैं, उन्हें 9,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यदि कोई प्रभारी प्रधानाचार्य भौगोलिक रूप से दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में तैनात है, तो उसे 10,000 रुपये का मासिक प्रोत्साहन दिया जाएगा।