बेरहामपुर: चक्रवात 'अरनाब' के कारण आई बाढ़ में अपनी फसलें बह जाने से जूझ रहे गंजाम के किसानों की चिंताएं अब और बढ़ गई हैं। चक्रवात 'मुरासु' के असर से भारी बारिश की आशंका ने किसानों के बीच और अधिक कृषि नुकसान का डर पैदा कर दिया है।
चक्रवात 'अरनाब' से हुए भारी नुकसान से किसान अभी उबर भी नहीं पाए थे कि अब 'मुरासु' के रूप में उन पर एक और मुसीबत आ गई है। शेरागाडा ब्लॉक के तकाराडा गांव के किसान समीर कुमार प्रधान ने बताया, "मेरी लगभग 10 एकड़ जमीन पर खड़ी धान की फसल बाढ़ के पानी में डूबी हुई है, जो अभी तक कम नहीं हुआ है। अगर फिर से भारी बारिश होती है, तो फसल की जड़ें सड़ जाएंगी, खासकर इसलिए क्योंकि अभी धान की फसल में दाने बनने (milking stage) का समय है।"
इसी तरह, कुकुडाखंडी ब्लॉक के बैगानाबादी गांव के सुनील राथा भी अपने खेतों में जमा पानी को निकालकर धान की फसल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन मौसम विभाग की नई चेतावनी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है और वे काफी चिंतित हैं।
पात्रापुर ब्लॉक के सामंतियापल्ली गांव के किसान रबींद्र मिश्रा को डर है कि बारिश का एक और दौर धान किसानों को बहुत बुरी स्थिति में डाल सकता है। उन्होंने कहा, "अगर चक्रवात 'मुरासु' के कारण गंजाम में फिर से बारिश होती है, तो धान की पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी।"
मौसम विशेषज्ञों ने दक्षिणी ओडिशा, खासकर गंजाम और गजपति जिलों में सोमवार से बुधवार तक भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। चक्रवात 'मुरासु' के मंगलवार रात आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है।
मुख्य जिला कृषि अधिकारी मनोरंजन राउल ने बताया कि प्रशासन चक्रवात 'अरनाब' से हुए फसल नुकसान का आकलन करने की तैयारी कर रहा था, तभी भारतीय मौसम विभाग ने भारी बारिश की एक और चेतावनी जारी कर दी। अलग गांवों में पुलिस कर्मियों की आठ प्लाटून तैनात की गईं।