भुवनेश्वर। ओडिशा में सोमवार को मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और उससे सटे क्षेत्रों में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली का असर गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और झारखंड समेत आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।

IMD के सोमवार सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार, 24 अगस्त को सुबह 5:30 बजे कम दबाव का क्षेत्र गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा, झारखंड तथा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों में बना हुआ था। मौसम प्रणाली के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने से ओडिशा के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।

छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने ओडिशा के छह जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी की है। इन जिलों में सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, सुबर्णपुर और बौध शामिल हैं। इन क्षेत्रों में एक या दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

ऑरेंज चेतावनी का मतलब है कि संबंधित जिलों में मौसम की स्थिति को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी जमा होने और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है। पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।

प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों को मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है। लोगों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने और अत्यधिक बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा सकती है।

उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा कम दबाव

मौसम विभाग के मुताबिक मौजूदा मौसम प्रणाली अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ सकती है। इसके कारण उत्तरी ओडिशा के साथ-साथ पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी जिलों में बारिश की गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है।

कम दबाव का क्षेत्र बनने से वातावरण में नमी बढ़ती है और संबंधित इलाकों में बादल सक्रिय हो जाते हैं। इसकी दिशा और तीव्रता के आधार पर बारिश का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में कम या ज्यादा हो सकता है। फिलहाल मौसम विभाग ने छह जिलों में विशेष चेतावनी जारी कर लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने का संकेत दिया है।

उत्तरी और पश्चिमी ओडिशा पर ज्यादा असर

मौसम प्रणाली की मौजूदा स्थिति को देखते हुए उत्तरी और पश्चिमी ओडिशा के जिलों में बारिश का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है। सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, सुबर्णपुर और बौध में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

इन क्षेत्रों में पहले से बारिश होने की स्थिति में जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है। ग्रामीण इलाकों में कच्ची सड़कों और संपर्क मार्गों पर भी बारिश का असर पड़ सकता है। स्थानीय नदियों और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

खेती के लिए बारिश अहम, लेकिन सावधानी जरूरी

ओडिशा में बड़ी संख्या में किसान मानसूनी बारिश पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में बारिश खेती के लिए महत्वपूर्ण है। पर्याप्त बारिश से धान और अन्य खरीफ फसलों को लाभ मिल सकता है। हालांकि बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में पानी भरने और फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी रहता है।

किसानों को मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार कृषि गतिविधियों की योजना बनाने की जरूरत है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहां खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी होगा।

यातायात और जनजीवन पर पड़ सकता है असर

भारी बारिश का असर सड़क और रेल यातायात पर भी पड़ सकता है। निचले इलाकों में पानी जमा होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों पर पानी भरने या सड़क क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में लोगों को परेशानी हो सकती है।

शहरी क्षेत्रों में भी भारी बारिश होने पर जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन को संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाने की जरूरत होगी।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा सकती है। भारी बारिश के दौरान नदी, नाला, जलाशय या अन्य जलस्रोतों के आसपास जाने से बचना जरूरी है। बिजली गिरने की आशंका वाले मौसम में खुले स्थानों पर रहने से भी बचना चाहिए।

जिन क्षेत्रों में पहले से जलभराव या भूस्खलन की समस्या रहती है, वहां रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना सबसे सुरक्षित विकल्प होगा।

अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण

फिलहाल अगले 24 घंटे ओडिशा के मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ता है तो बारिश की गतिविधियों में और वृद्धि हो सकती है। विशेष रूप से ऑरेंज अलर्ट वाले छह जिलों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा।

सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, सुबर्णपुर और बौध में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।

कुल मिलाकर ओडिशा में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और इसके प्रभाव से राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन के साथ आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में अगले 24 घंटे मौसम की दृष्टि से बेहद अहम रहेंगे।

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