संबलपुर। ओडिशा के संबलपुर जिले में पुलिस ने निवेश पर ज्यादा मुनाफे का लालच देकर एक व्यक्ति से कथित रूप से करीब 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में तीन भाई-बहनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15.5 लाख रुपये नकद और करीब 12 लाख रुपये कीमत के सोने के गहने बरामद करने का दावा किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झरना बाड़ी, राजेश बाड़ी और राजकुमारी बाड़ी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी झारसुगुड़ा टाउन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पुरानी बस्ती के निवासी हैं।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला निवेश के नाम पर ठगी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता लिपिक कुमार प्रधान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उससे अधिक मुनाफे का झांसा देकर बड़ी रकम निवेश कराई गई और बाद में धोखाधड़ी की गई।
शिकायत के अनुसार, आरोपी महिला झरना बाड़ी ने कथित तौर पर अपनी पहचान बदलकर खुद को दिशा अग्रवाल बताया और शिकायतकर्ता से संपर्क किया। उसने निवेश करने पर बेहतर रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने शिकायतकर्ता को विश्वास में लेने के लिए कई तरह के दावे किए और निवेश पर ज्यादा लाभ मिलने का लालच दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता को बड़ी रकम निवेश करने के लिए तैयार किया गया।
आरोप है कि झरना ने अपने भाई राजेश बाड़ी को अपना बॉयफ्रेंड बताया और इस पूरे मामले में उसे भी शामिल किया। पुलिस का कहना है कि दोनों ने मिलकर शिकायतकर्ता को निवेश के लिए राजी किया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, विश्वास में आने के बाद उसने आरोपियों को करीब 25 लाख रुपये दे दिए। हालांकि, बाद में उसे कथित धोखाधड़ी का पता चला, जिसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और कार्रवाई करते हुए तीनों भाई-बहनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से नकदी और सोने के गहने बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामान की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि यह रकम और गहने इसी मामले से जुड़े हैं या नहीं।
निवेश के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों में अक्सर आरोपी लोगों को कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर फंसाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी जरूर जुटाएं।
संबलपुर पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कथित ठगी में और कितने लोग शामिल हैं और क्या इससे पहले भी किसी अन्य व्यक्ति को निशाना बनाया गया है।
पुलिस शिकायत में दिए गए तथ्यों, वित्तीय लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही आरोपियों के संपर्क और गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही ठगी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि निवेश से जुड़े किसी भी प्रस्ताव में सावधानी बरतें और बिना सत्यापन के बड़ी रकम किसी को न सौंपें।