भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने शनिवार को राज्य में बाढ़ की स्थिति को नियंत्रण में बताया है। हालांकि, लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित जिलों में राहत सहायता, बचाव अभियान और चौबीसों घंटे निगरानी का काम जारी है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट में सभी संबंधित जिला प्रशासन को मौसम और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात से निपटने के लिए प्रशासनिक मशीनरी तैयार है। निचले इलाकों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी आपात स्थिति की सूचना मिलने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाए।
जिला प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने सभी संबंधित जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने को कहा है। बारिश और बाढ़ की वजह से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थिति की नियमित समीक्षा की जा रही है। स्थानीय स्तर पर जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर और बारिश से होने वाली संभावित परेशानियों पर निगरानी रखी जा रही है।
सरकार का जोर इस बात पर है कि किसी भी क्षेत्र में स्थिति बिगड़ने से पहले आवश्यक कदम उठाए जाएं। इसके लिए जिला प्रशासन और आपातकालीन एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
कई जिलों में बारिश का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, देवगढ़, अंगुल, ढेंकनाल, क्योंझर, मयूरभंज, सुबर्णपुर, बौध, नुआपाड़ा, बलांगीर, कालाहांडी, कंधमाल, नबरंगपुर, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है।
बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने इन क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है। खासकर उन इलाकों पर नजर रखी जा रही है जहां पहले से जलभराव या बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
चार जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने क्योंझर, मयूरभंज, कालाहांडी और नबरंगपुर जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में स्थानीय प्रशासन को मौसम की स्थिति पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत है।
भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव बढ़ सकता है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने और छोटी नदियों तथा नालों में जलस्तर बढ़ने की आशंका रहती है। प्रशासन को ऐसे संभावित प्रभावों को ध्यान में रखते हुए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आंधी और तेज हवाओं की भी आशंका
बारिश के साथ राज्य के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ क्षेत्रों में बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
तेज हवाओं के कारण पेड़ या बिजली के खंभे गिरने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन को आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। लोगों से भी मौसम खराब होने की स्थिति में सावधानी बरतने की अपेक्षा की जा रही है।
चौबीसों घंटे निगरानी
बाढ़ और बारिश से प्रभावित जिलों में प्रशासन की ओर से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। स्थानीय अधिकारियों को हालात की जानकारी नियमित रूप से राज्य स्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री और जरूरी सहायता समय पर पहुंचाई जाए। जरूरत पड़ने पर बचाव दलों को सक्रिय करने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी तैयार रखी जा रही है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
राज्य सरकार के अनुसार, फिलहाल ओडिशा में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि, मौसम विभाग की ओर से अगले दौर में बारिश और कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहता।
राज्य में मानसून के दौरान नदियों और जलाशयों के जलस्तर में बदलाव के साथ निचले क्षेत्रों में स्थिति तेजी से बदल सकती है। यही वजह है कि प्रशासन को लगातार सतर्क रहने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तत्काल निर्णय लेने को कहा गया है।
सरकार का कहना है कि राहत-बचाव कार्य और निगरानी व्यवस्था लगातार जारी है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी संभावित आपदा से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।