भद्रक (ओडिशा)। बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने के बाद अपनी धान की फसल का हाल देखने निकले एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। ओडिशा के भद्रक जिले में सोमवार को यह हादसा हुआ, जहां खेत तक पहुंचने के दौरान बाढ़ से उफनती नहर पार करते समय किसान अभिमन्यु मल्लिक पानी में डूब गए।
मृतक किसान की पहचान वासुदेवपुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुदर्शनपुर गांव निवासी अभिमन्यु मल्लिक के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। परिवार के लोग और ग्रामीण इस हादसे से सदमे में हैं।
फसल बचने की उम्मीद में निकले थे किसान
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। जैसे-जैसे बाढ़ का पानी कम होने लगा, किसान अपनी खेतों की स्थिति जानने के लिए पहुंचने लगे।
अभिमन्यु मल्लिक भी सोमवार को यह देखने के लिए घर से निकले थे कि बाढ़ के पानी से उनका धान का खेत कितना प्रभावित हुआ है। उन्हें उम्मीद थी कि शायद उनकी मेहनत की फसल बच गई होगी और वह आगे की तैयारी कर सकेंगे।
लेकिन खेत तक पहुंचने की कोशिश उनके लिए आखिरी साबित हुई। रास्ते में आने वाली उफनती नहर को पार करते समय वह हादसे का शिकार हो गए।
नहर पार करते समय हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि खेत तक जाने के रास्ते में बाढ़ का पानी अभी भी तेज बहाव के साथ बह रहा था। इसी दौरान अभिमन्यु मल्लिक नहर पार करने की कोशिश कर रहे थे। अचानक पानी के तेज बहाव में उनका संतुलन बिगड़ गया और वह बह गए।
आसपास मौजूद लोगों ने घटना को देखा और तुरंत उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और प्रशासनिक टीमों ने तलाश अभियान शुरू किया।
ग्रामीणों में छाया मातम
किसान की मौत की खबर फैलते ही सुदर्शनपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने बताया कि अभिमन्यु मल्लिक खेती पर निर्भर थे और अपनी फसल को लेकर काफी चिंतित थे।
बाढ़ के कारण पहले ही किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में एक किसान की मौत ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
बाढ़ से किसानों की बढ़ी परेशानी
ओडिशा के कई हिस्सों में मानसून के दौरान बाढ़ जैसी स्थिति बनने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। धान समेत कई फसलें पानी भरने के कारण खराब हो जाती हैं।
किसानों के लिए फसल केवल आय का साधन नहीं होती, बल्कि पूरे परिवार की आजीविका का आधार होती है। ऐसे में बाढ़ के बाद खेतों की स्थिति देखने की चिंता किसानों को जोखिम उठाने के लिए मजबूर कर देती है।
अभिमन्यु मल्लिक भी इसी चिंता के कारण खेत की ओर गए थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने परिवार को गहरा दुख दे दिया।
प्रशासन ने लिया घटना का संज्ञान
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने किसान की मौत की पुष्टि करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की।
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि तेज बहाव वाले पानी वाले क्षेत्रों को पार करने से बचें और खतरे वाले स्थानों पर जाने से पहले सावधानी बरतें।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी की अपील
बारिश और बाढ़ के बाद पानी का बहाव कई जगहों पर अचानक तेज हो सकता है। ऐसे में खेतों, नदियों, नहरों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाना जोखिम भरा साबित हो सकता है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता लें।
भद्रक जिले में हुई यह घटना बाढ़ के बाद पैदा होने वाले खतरों की गंभीर तस्वीर सामने लाती है। एक किसान अपनी फसल बचने की उम्मीद लेकर खेत तक पहुंचना चाहता था, लेकिन बाढ़ के पानी ने उसकी जान ले ली। अब परिवार और ग्रामीणों के सामने दुख के साथ-साथ आजीविका की चिंता भी खड़ी हो गई है।