ओडिशा : गजपति जिले के परलाखेमुंडी स्थित रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) में शनिवार को भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कार्यालय का सर्वर रूम पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना के बाद कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

आग लगने की सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, तब तक सर्वर रूम में रखे कई महत्वपूर्ण उपकरण और अन्य सामान जल चुके थे।

पहली मंजिल पर लगी आग

जानकारी के अनुसार, आग RTO कार्यालय की पहली मंजिल पर लगी थी। शुरुआती तौर पर बताया जा रहा है कि आग की लपटें तेजी से फैलते हुए सर्वर रूम तक पहुंच गईं।

सर्वर रूम में कंप्यूटर सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कार्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण संसाधन रखे हुए थे, जो आग की चपेट में आ गए।

आग की तीव्रता को देखते हुए कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया।

फायर टीम ने संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही फायर सर्विस के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। टीम ने पानी की बौछार कर आग बुझाने का काम शुरू किया।

फायर कर्मियों ने सबसे पहले आग को कार्यालय के अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने पर ध्यान दिया। काफी प्रयास के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया।

अधिकारियों के अनुसार, अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो आग कार्यालय के दूसरे हिस्सों तक भी फैल सकती थी।

सर्वर रूम को भारी नुकसान

आग से सबसे ज्यादा नुकसान सर्वर रूम को हुआ है। यहां रखे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान जल गए।

RTO कार्यालय में सर्वर रूम की अहम भूमिका होती है, जहां विभागीय कामकाज से जुड़ा डिजिटल डेटा और तकनीकी व्यवस्था संचालित होती है।

आग के कारण हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि सर्वर और अन्य उपकरणों को कितना नुकसान पहुंचा है।

शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही आशंका

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, अभी तक आग लगने की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अग्निशमन विभाग और संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। आग कैसे शुरू हुई और कितनी देर में फैली, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

कर्मचारियों में मची अफरा-तफरी

आग लगने के समय कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया। सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए।

किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, कार्यालय में रखे दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक सामान को नुकसान पहुंचा है।

डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता

RTO कार्यालय के सर्वर रूम में डिजिटल रिकॉर्ड और विभागीय कामकाज से जुड़ी जानकारी मौजूद रहती है। ऐसे में आग लगने के बाद डेटा सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

अधिकारी अब यह जांच कर रहे हैं कि सर्वर में मौजूद डेटा सुरक्षित है या नहीं और नुकसान की स्थिति क्या है।

प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना के बाद प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। आग से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आग से कितना नुकसान हुआ है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद सरकारी कार्यालयों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कार्यालयों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और सर्वर की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम जरूरी होते हैं।

नियमित जांच और फायर सेफ्टी उपायों को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

फिलहाल परलाखेमुंडी RTO कार्यालय में आग की घटना की जांच जारी है। प्रशासन नुकसान का आकलन करने के साथ-साथ आग लगने के कारणों का पता लगाने में जुटा हुआ है।

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