ओडिशा में बाढ़ पर विभाग का बयान, भारी बारिश बनी वजह

Update: 2026-08-02 10:16 GMT

ओडिशा : हालिया बाढ़ की स्थिति को लेकर राज्य जल संसाधन विभाग ने रविवार को स्थिति स्पष्ट की। विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ (EIC) दिलीप कुमार राउत ने कहा कि राज्य में आई बाढ़ किसी बड़ी नदी में अत्यधिक जल प्रवाह के कारण नहीं, बल्कि कम समय में हुई अत्यधिक बारिश के कारण बनी है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राउत ने बताया कि इस मानसून में राज्य में बारिश का पैटर्न सामान्य नहीं रहा। कई इलाकों में बहुत कम समय के भीतर भारी मात्रा में बारिश हुई, जिसके कारण नदियों और जलधाराओं में अचानक पानी बढ़ गया और कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति पर विभाग लगातार नजर बनाए हुए है और फिलहाल महानदी सहित राज्य की अन्य प्रमुख नदियों से किसी बड़े बाढ़ खतरे की संभावना नहीं है।

कम समय में भारी बारिश बनी मुख्य कारण

जल संसाधन विभाग के EIC ने बताया कि इस बार मानसून के दौरान बारिश का वितरण असामान्य रहा। कई स्थानों पर सामान्य अवधि में होने वाली बारिश कुछ ही घंटों या कम समय में दर्ज की गई। अचानक हुई तेज बारिश के कारण जमीन में पानी का अवशोषण कम हुआ और बड़ी मात्रा में पानी निचले इलाकों की ओर बहने लगा।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में स्थानीय नदियों, नालों और जल निकासी प्रणालियों पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में पानी भरने की समस्या उत्पन्न होती है। यही कारण है कि राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति देखने को मिली।

अधिकारियों के अनुसार, बारिश की तीव्रता और समय दोनों ने बाढ़ की स्थिति को प्रभावित किया है। हालांकि, बड़ी नदियों में जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

महानदी से फिलहाल कोई खतरा नहीं

दिलीप कुमार राउत ने कहा कि महानदी और राज्य की अन्य प्रमुख नदियों की स्थिति नियंत्रण में है। वर्तमान में नदियों का जलस्तर किसी गंभीर खतरे के स्तर तक नहीं पहुंचा है।

उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग के अधिकारी सभी प्रमुख जलाशयों, बांधों और नदी क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां भी रखी गई हैं।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें।

प्रभावित जिलों में प्रशासन सक्रिय

बारिश और बाढ़ से प्रभावित जिलों में स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों में सड़क संपर्क, बिजली आपूर्ति और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं पर भी नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर राहत सामग्री और अन्य सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि अचानक जलस्तर बढ़ने या अन्य आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

बांधों और जलाशयों पर नजर

जल संसाधन विभाग ने राज्य के बांधों और जलाशयों की स्थिति की भी समीक्षा की है। अधिकारियों के अनुसार, जलाशयों में पानी की मात्रा और निकासी व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान जल प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण होता है। विभाग की टीमें लगातार आंकड़े जुटा रही हैं और मौसम की स्थिति के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

मौसम के बदलते रुख पर चिंता

अधिकारियों ने कहा कि इस मानसून में बारिश के बदलते स्वरूप ने चुनौती बढ़ाई है। सामान्य बारिश के बजाय कुछ स्थानों पर अचानक अत्यधिक वर्षा होने से स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बन रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के कारण आने वाले समय में ऐसी अचानक भारी बारिश की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। ऐसे में बेहतर जल निकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारी बेहद जरूरी है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

जल संसाधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें। प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें।

फिलहाल ओडिशा में बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रित होने की ओर है। हालांकि, मौसम विभाग की संभावित बारिश को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी तरह सतर्क हैं। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में नदियों के जलस्तर और बारिश की स्थिति की लगातार निगरानी जारी रहेगी।

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