Bhubaneswar. भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शुक्रवार को भुवनेश्वर के जयदेव भवन में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों और देश के सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद किया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था। वह भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेताओं और विचारकों में शामिल थे। उनकी जयंती 25 सितंबर को मनाई जाती है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय के ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण का लाभ पहुंचाने की सोच आज भी प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी उपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण की उनकी अवधारणा को याद किया। जयंती समारोह के दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय के राजनीतिक और सामाजिक विचारों पर चर्चा की गई। उनके ‘अंत्योदय’ के विचार में समाज के सबसे कमजोर और वंचित व्यक्ति के उत्थान को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की मौजूदगी के साथ विभिन्न गणमान्य लोगों ने भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय को याद किया। 25 सितंबर को देश के विभिन्न हिस्सों में उनकी 110वीं जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को याद करते हुए समाज के सभी वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने उनके राष्ट्रसेवा, अंत्योदय और एकात्म मानववाद से जुड़े विचारों को प्रेरणादायी बताया।
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