भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान अर्णब (Cyclone Arnab) के संभावित खतरे को देखते हुए ओडिशा और आसपास के राज्यों में रेलवे सेवाएं प्रभावित हुई हैं। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है। पूर्व तट रेलवे (East Coast Railway) के सूत्रों के अनुसार, एहतियात के तौर पर 21 रेल सेवाओं को रद्द किया गया है, जबकि दो ट्रेनों का परिचालन रायगड़ा तक सीमित कर दिया गया है। इसके अलावा कुछ ट्रेनों के प्रस्थान और अंतिम गंतव्य स्टेशनों में भी बदलाव किया गया है। चक्रवाती तूफान के कारण तेज हवाएं, भारी बारिश और रेलवे ट्रैक पर संभावित बाधाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त करें।
चक्रवाती तूफान के चलते रेल सेवाओं में बड़ा बदलाव
ओडिशा में चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव को देखते हुए रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।मौसम विभाग की चेतावनी के बाद पूर्व तट रेलवे और दक्षिण तट रेलवे ने संवेदनशील रेल मार्गों पर ट्रेनों के संचालन की समीक्षा की है।विशेष रूप से विशाखापत्तनम, कोरापुट, रायगड़ा, जगदलपुर, किरंदुल और राउरकेला से जुड़े रेल मार्गों पर एहतियाती कदम उठाए गए हैं।रेलवे प्रशासन का कहना है कि तेज बारिश और तूफानी हवाओं के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी पहली प्राथमिकता है।इसी को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनें पूरी तरह रद्द की गई हैं, जबकि कुछ को निर्धारित गंतव्य से पहले समाप्त करने या दूसरे स्टेशन से शुरू करने की व्यवस्था की गई है।
विशाखापत्तनम-किरंदुल एक्सप्रेस सात दिनों तक रद्द
रेलवे की ओर से जारी सूचना के अनुसार, विशाखापत्तनम से किरंदुल के बीच चलने वाली नाइट एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 18515 को 29 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक रद्द किया गया है।इसी तरह वापसी की ट्रेन संख्या 18516, किरंदुल-विशाखापत्तनम नाइट एक्सप्रेस भी 29 अक्टूबर से 4 नवंबर तक नहीं चलेगी।यह रेल मार्ग आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है।इन ट्रेनों के रद्द होने से त्योहारों के बाद यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा हो सकती है।रेलवे ने यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था करने की सलाह दी है।
कोरापुट और विशाखापत्तनम के बीच कई ट्रेनें प्रभावित
चक्रवाती तूफान के कारण कोरापुट और विशाखापत्तनम के बीच चलने वाली रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है।विशाखापत्तनम-कोरापुट पैसेंजर ट्रेन संख्या 58538 को 27 से 30 अक्टूबर तक रद्द किया गया है।वहीं, कोरापुट-विशाखापत्तनम पैसेंजर ट्रेन संख्या 58537 को 28 से 31 अक्टूबर तक रद्द रखा जाएगा।इसके अलावा विशाखापत्तनम-कोरापुट इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 18512 का 30 अक्टूबर का परिचालन रद्द रहेगा।वापसी की कोरापुट-विशाखापत्तनम इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 18511 भी 31 अक्टूबर को नहीं चलेगी।रेलवे के इस फैसले का असर स्थानीय यात्रियों के साथ लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों पर भी पड़ सकता है।
किरंदुल पैसेंजर ट्रेनों का संचालन भी बंद
रेलवे प्रशासन ने विशाखापत्तनम और किरंदुल के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों को भी अस्थायी रूप से रद्द किया है।ट्रेन संख्या 58501 विशाखापत्तनम-किरंदुल पैसेंजर 27 से 30 अक्टूबर तक नहीं चलेगी।वहीं, ट्रेन संख्या 58502 किरंदुल-विशाखापत्तनम पैसेंजर का परिचालन भी इसी अवधि में बंद रहेगा।इन ट्रेनों से बड़ी संख्या में स्थानीय यात्री, विद्यार्थी, कर्मचारी और कारोबारी यात्रा करते हैं।रेल सेवाओं में बदलाव के कारण ऐसे यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था अपनानी पड़ सकती है।
हीराखंड एक्सप्रेस रायगड़ा तक ही चलेगी
चक्रवाती तूफान के कारण भुवनेश्वर और जगदलपुर के बीच चलने वाली हीराखंड एक्सप्रेस का परिचालन भी प्रभावित हुआ है।रेलवे के अनुसार, ट्रेन संख्या 18447 भुवनेश्वर-जगदलपुर हीराखंड एक्सप्रेस 27 से 30 अक्टूबर तक केवल रायगड़ा स्टेशन तक चलेगी।इसका मतलब है कि निर्धारित अवधि में ट्रेन रायगड़ा से तक परिचालन संबंधी सूचना में संशोधन किया है। यात्रियों को ताजा आदेश के अनुसार यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
हावड़ा-जगदलपुर और राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस भी प्रभावित
चक्रवाती तूफान को देखते हुए कुछ अन्य महत्वपूर्ण रेल सेवाओं को भी रद्द किया गया है।हावड़ा-जगदलपुर एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 18005 को 27 से 30 अक्टूबर तक रद्द रखा जाएगा।वापसी की ट्रेन संख्या 18006 जगदलपुर-हावड़ा एक्सप्रेस 28 से 31 अक्टूबर तक नहीं चलेगी।इसके अलावा राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 18107 को 29 अक्टूबर से 4 नवंबर तक रद्द किया गया है।जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 18108 का परिचालन 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक प्रभावित रहेगा।इन ट्रेनों के रद्द होने से पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।
तूफान के दौरान रेल यात्रियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, चक्रवाती तूफान के दौरान तेज हवाओं और अत्यधिक बारिश के कारण रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने, जलभराव और अन्य बाधाएं उत्पन्न होने की आशंका रहती है।कुछ स्थानों पर भूस्खलन और रेलवे लाइन के आसपास मिट्टी खिसकने जैसी घटनाएं भी रेल परिचालन को प्रभावित कर सकती हैं।ऐसी परिस्थितियों में ट्रेनों को निर्धारित समय पर सुरक्षित तरीके से चलाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।इसलिए मौसम की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील मार्गों पर रेल सेवाओं में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।रेलवे प्रशासन लगातार मौसम संबंधी सूचनाओं और रेल मार्गों की स्थिति की निगरानी कर रहा है।
रेलवे ने बनाए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम
यात्रियों को सहायता प्रदान करने और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए दक्षिण तट रेलवे ने विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं।रेलवे के जोनल और मंडल मुख्यालयों में चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है।इसके अलावा प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं।इन केंद्रों के माध्यम से यात्रियों को ट्रेन रद्द होने, परिचालन में बदलाव और अन्य जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।रेलवे ने आवश्यकतानुसार भोजन, चिकित्सा सहायता और बैकअप बिजली जैसी सुविधाओं की तैयारी भी की है।
यात्री घर से निकलने से पहले जरूर जांचें ट्रेन का स्टेटस
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की तारीख और ट्रेन संख्या के अनुसार ताजा स्थिति जरूर जांचें।ट्रेन की जानकारी के लिए राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली (NTES) की आधिकारिक वेबसाइट Indian Railways NTES का इस्तेमाल किया जा सकता है।यात्री रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक कर रखे हैं, उन्हें अपनी ट्रेन की संशोधित समय-सारिणी, प्रस्थान स्टेशन और गंतव्य की पुष्टि कर लेनी चाहिए।रद्द ट्रेनों के टिकट रिफंड पर रेलवे के लागू नियम प्रभावी होंगे।
मौसम की स्थिति के अनुसार और बदलाव संभव
चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने फिलहाल एहतियाती परिचालन बदलाव किए हैं।हालांकि, मौसम की स्थिति बदलने पर ट्रेनों की समय-सारिणी में अतिरिक्त संशोधन किया जा सकता है।रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही ट्रेनों का संचालन सामान्य करने का फैसला लिया जाएगा।