भुवनेश्वर में कैब ड्राइवरों का प्रदर्शन हिंसक, पुलिस ने कई को हिरासत में लिया
भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में ऐप-बेस्ड कैब और बाइक टैक्सी ड्राइवरों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को हिंसक हो गया। ओला, उबर और रैपिडो जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े ड्राइवर अपनी मांगों को लेकर पिछले तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे। बुधवार को प्रदर्शन के दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी ड्राइवर बेहतर कमाई, ऑनलाइन टैक्सी किराए के लिए नियम तय करने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ देने जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में कैब और बाइक टैक्सी चालक लोअर पीएमजी और मास्टर कैंटीन स्क्वायर इलाके में जुटे थे। प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय बिगड़ गए, जब कुछ प्रदर्शनकारियों की पुलिसकर्मियों से झड़प हो गई।
आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके। इस दौरान इलाके से गुजर रही राज्य परिवहन सेवा की ‘आमा बस’ को भी नुकसान पहुंचाया गया। प्रदर्शनकारियों की ओर से की गई पत्थरबाजी में पुलिस की एक गाड़ी के क्षतिग्रस्त होने की भी जानकारी सामने आई है।
स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सख्ती दिखाई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने की कोशिश की। इसके साथ ही कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन के कारण राजधानी भुवनेश्वर में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। प्रदर्शनकारियों के सड़कों पर उतरने के कारण कई प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। खासतौर पर भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट की ओर जाने वाली सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
यात्रियों को इस दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा। सड़क जाम के कारण कार्यालय जाने वाले लोगों और एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे कैब चालकों का कहना है कि ऑनलाइन कैब कंपनियों की मौजूदा व्यवस्था में उन्हें पर्याप्त आय नहीं मिल रही है। उनका आरोप है कि बढ़ते खर्च और कम होती कमाई के कारण ड्राइवरों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो रहा है। वे चाहते हैं कि सरकार ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के लिए स्पष्ट नियम बनाए और किराया निर्धारण की व्यवस्था तय करे।
ड्राइवरों ने सामाजिक सुरक्षा की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि लंबे समय तक सड़क पर काम करने के बावजूद उन्हें स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का पर्याप्त लाभ नहीं मिलता। उन्होंने सरकार से ऐसे कदम उठाने की मांग की है, जिससे इस क्षेत्र में काम करने वाले हजारों ड्राइवरों को राहत मिल सके।
वहीं प्रशासन का कहना है कि सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर विचार कर रही है, लेकिन किसी भी आंदोलन के दौरान हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब ऐप आधारित परिवहन सेवाएं शहरों में तेजी से बढ़ रही हैं। बड़ी संख्या में लोग कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं पर निर्भर हैं। ऐसे में लंबे समय तक चलने वाले विरोध से आम यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और ड्राइवर संगठनों के बीच किस तरह की सहमति बनती है।