भुवनेश्वर। ओडिशा में बारिश की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की तीव्रता काफी कम हो गई है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने निगरानी व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय रखी है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर यानी SEOC के जरिए लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है, जबकि जिला स्तर पर डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर्स यानी DEOCs को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य प्रशासन का कहना है कि फिलहाल व्यापक स्तर पर गंभीर स्थिति नहीं है, लेकिन मौसम में अचानक बदलाव की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। जिला प्रशासन को स्थानीय स्तर पर बाढ़, जल-जमाव और मौसम से जुड़ी अन्य संभावित परिस्थितियों की निगरानी करने को कहा गया है।

बारिश कम होने के बाद कई क्षेत्रों में राहत की स्थिति बनी है। जिन इलाकों में पिछले दिनों पानी भरने की स्थिति बनी थी, वहां स्थानीय प्रशासन स्थिति का आकलन कर रहा है। निचले इलाकों और जल-जमाव वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुमान के मुताबिक राज्य के सभी जिलों में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। हालांकि फिलहाल भारी बारिश की व्यापक संभावना नहीं बताई गई है।

मौसम विभाग ने बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, क्योंझर और मयूरभंज जिलों के लिए एहतियात के तौर पर येलो वॉर्निंग जारी की है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बारिश की स्थिति बन सकती है।

येलो वॉर्निंग का उद्देश्य संबंधित जिलों के प्रशासन और लोगों को सतर्क रखना है। जिला प्रशासन से कहा गया है कि मौसम की स्थिति में बदलाव होने पर तत्काल स्थानीय स्तर पर जरूरी कदम उठाए जाएं।

राज्य सरकार SEOC के माध्यम से सभी जिलों से नियमित रूप से जानकारी ले रही है। जिला स्तर से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर मौसम और बारिश से जुड़ी स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है।

DEOCs को भी सक्रिय रखा गया है। जिला प्रशासन स्थानीय अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ संपर्क बनाए हुए है, ताकि किसी क्षेत्र में जलभराव, सड़क बाधित होने या बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

विशेष रूप से नदियों के आसपास के क्षेत्रों और निचले इलाकों पर निगरानी बढ़ाई गई है। हालांकि अभी ऐसी कोई व्यापक स्थिति नहीं बताई गई है जिससे बड़े पैमाने पर लोगों को परेशानी हो।

बारिश की तीव्रता कम होने के बाद प्रशासन के लिए राहत की बात यह है कि कई स्थानों पर पानी का स्तर स्थिर हुआ है। इसके बावजूद अधिकारी किसी तरह की लापरवाही नहीं बरत रहे हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश हैं। खासकर येलो वॉर्निंग वाले आठ जिलों में अधिकारी मौसम की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।

बालेश्वर और भद्रक जैसे तटीय क्षेत्रों में बारिश की स्थिति में अचानक बदलाव की संभावना को देखते हुए प्रशासन सावधानी बरत रहा है। इसी तरह जाजपुर, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर में भी स्थानीय स्तर पर निगरानी जारी है।

कटक, क्योंझर और मयूरभंज में भी जिला प्रशासन को मौसम संबंधी सूचनाओं पर नजर रखने को कहा गया है। यदि किसी इलाके में ज्यादा बारिश होती है तो वहां जल-जमाव या यातायात से जुड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है।

राज्य सरकार का जोर इस बात पर है कि जिला स्तर से मिलने वाली जानकारी में किसी तरह की देरी न हो। इसके लिए SEOC और DEOCs के बीच लगातार संपर्क रखा जा रहा है।

मौसम विभाग ने लोगों से भी खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने को कहा है। गरज-चमक की स्थिति में खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।

बारिश के दौरान निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि फिलहाल राज्य के ज्यादातर हिस्सों में स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

ओडिशा में मानसून के दौरान बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनती रही हैं। ऐसे में प्रशासन ने पहले से ही आपातकालीन तंत्र को सक्रिय रखा है।

इस बार भी राज्य और जिला स्तर के नियंत्रण कक्षों के जरिए हालात की निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

जिला प्रशासन स्थानीय निकायों और अन्य विभागों के साथ मिलकर सड़कों, जल निकासी और संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रख रहा है। किसी जगह पानी जमा होने की स्थिति में निकासी व्यवस्था को सक्रिय करने के निर्देश हैं।

बारिश कम होने के बावजूद अधिकारियों का कहना है कि मौसम का रुख जल्दी बदल सकता है। इसलिए चेतावनी समाप्त होने तक सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।

येलो वॉर्निंग वाले जिलों में लोगों को मौसम से जुड़ी स्थानीय सूचनाओं पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भी प्रशासन स्थानीय स्तर पर जानकारी पहुंचाने की व्यवस्था बनाए हुए है।

फिलहाल ओडिशा में व्यापक स्तर पर बारिश का दबाव कम हुआ है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। राज्य के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य गतिविधियां जारी हैं।

सरकार का कहना है कि SEOC और DEOCs के जरिए निगरानी तब तक जारी रहेगी, जब तक मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं हो जाता।

मौसम विभाग के अनुसार सभी जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना बनी हुई है। इसके चलते संबंधित विभागों को सतर्क रहने को कहा गया है।

आठ जिलों में जारी येलो वॉर्निंग को देखते हुए प्रशासन एहतियाती कदम उठा रहा है। फिलहाल किसी गंभीर संकट की स्थिति नहीं है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौसम और जल-जमाव से जुड़ी किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए निगरानी और समन्वय जारी रहेगा।

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