गंजम। ओडिशा के गंजम जिले में साइबर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े कथित धोखाधड़ी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग ज्यादा मुनाफे का लालच देकर लोगों को ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से जोड़ते थे और पैसे जमा करवाते थे।
पुलिस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण, एटीएम और डेबिट कार्ड, सिम कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
SP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी
गंजम के पुलिस अधीक्षक (SP) हरीशा बी.सी. ने छत्रपुर स्थित एसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्रवाई की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि साइबर पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के जरिए कथित रूप से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े लोगों की पहचान की गई।
किराए के मकानों से चल रहा था कथित नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, ओडिशा के बाहर के कई युवक रंभा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गजपति नगर और पालुरगडा इलाकों में किराए के मकानों में रह रहे थे।
आरोप है कि ये लोग इन्हीं ठिकानों से ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप का प्रचार और संचालन कर रहे थे। पुलिस को संदेह था कि यहां से लोगों को निवेश और ज्यादा मुनाफे का लालच देकर जोड़ा जा रहा था।
साइबर पुलिस ने की छापेमारी
सूचना मिलने के बाद गंजम साइबर पुलिस स्टेशन की एक टीम ने संबंधित स्थानों पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो लोगों को मौके से पकड़ लिया। वहीं, पुलिस के अनुसार, दो अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने घटनास्थल से कई डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए, जिनकी जांच की जा रही है।
मोबाइल नंबरों से तीसरे आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने आगे की जांच के दौरान जब्त मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर एक और आरोपी की पहचान की।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान जगदीश सेठी उर्फ सूरज के रूप में हुई है। उसे चमाखंडी इलाके से गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या तीन हो गई।
डिजिटल सबूतों की जांच जारी
पुलिस ने आरोपियों के पास से मिले मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक से जुड़े दस्तावेज और अन्य डिजिटल सामग्री को जांच के लिए कब्जे में लिया है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े थे और कितने लोगों को कथित रूप से ठगी का शिकार बनाया गया।
बैंक खातों और लेनदेन की जांच
पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए पैसों के लेनदेन और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि पैसा किन खातों में जमा किया गया और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं।
लोगों को सतर्क रहने की अपील
साइबर पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन निवेश, सट्टेबाजी या ज्यादा मुनाफे के लालच में आने से बचने की अपील की है।
पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी अक्सर आकर्षक ऑफर और जल्दी पैसा कमाने का झांसा देकर लोगों को फंसाते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी अनजान ऐप या लिंक पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच करना जरूरी है।
आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
जांच पूरी होने के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसके तार किन-किन स्थानों से जुड़े हैं।
गंजम साइबर पुलिस की इस कार्रवाई को ऑनलाइन ठगी और अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।