
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस विवाद का जल्द समाधान निकलने की उम्मीद है और दोनों राज्य केंद्रीय जल आयोग (CWC) के निर्णय का सम्मान करेंगे।
मुख्यमंत्री साय ने ओडिशा के अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि महानदी जल विवाद को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों ने अपना पक्ष पहले ही केंद्रीय जल आयोग के सामने रख दिया है।
CWC के फैसले को दोनों राज्य मानेंगे
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि केंद्रीय जल आयोग इस मामले में जो भी निर्णय देगा, उसे दोनों राज्य स्वीकार करेंगे और उसका सम्मान करेंगे।
उन्होंने कहा कि अब इस मुद्दे को केवल विवाद के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसका समाधान निकालने के लिए सकारात्मक तरीके से प्रयास किए जा रहे हैं।
सीएम साय ने कहा कि इस मामले को लेकर दिल्ली में भी बातचीत हो चुकी है और आगे भी सभी पक्षों के साथ चर्चा जारी रहेगी।
ओडिशा सीएम से चर्चा करेंगे साय
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा दौरे के दौरान वह राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ भी महानदी जल विवाद सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे।
उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे का समाधान निकालना जरूरी है।
राजनीतिक इच्छाशक्ति से समाधान की उम्मीद
सीएम विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान में ओडिशा, छत्तीसगढ़ और केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि इससे आपसी समन्वय के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकालने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने भरोसा जताया कि लंबे समय से लंबित इस मामले को बातचीत और सहमति के आधार पर सुलझाया जा सकता है।
महानदी जल विवाद का इतिहास
महानदी जल विवाद छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चला आ रहा है। विवाद मुख्य रूप से महानदी के पानी के बंटवारे और जल संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर है।
ओडिशा का कहना रहा है कि ऊपरी क्षेत्र में बनाए जा रहे बांधों और जल परियोजनाओं का नदी के प्रवाह पर असर पड़ता है। वहीं, छत्तीसगढ़ अपनी जल परियोजनाओं को राज्य की जरूरतों और विकास से जोड़कर देखता रहा है।
केंद्रीय स्तर पर चल रही प्रक्रिया
इस विवाद को लेकर केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाएं समय-समय पर दोनों राज्यों के बीच बातचीत कराती रही हैं। केंद्रीय जल आयोग इस मामले में तकनीकी और जल संसाधन संबंधी पहलुओं पर विचार कर रहा है।
दोनों राज्यों की ओर से अपने-अपने पक्ष और आंकड़े आयोग के सामने रखे जा चुके हैं।
विकास और जल प्रबंधन पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन दोनों राज्यों के विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग से ऐसा रास्ता निकाला जा सकता है, जिससे दोनों राज्यों के हित सुरक्षित रहें।
उन्होंने कहा कि सरकारों का उद्देश्य विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि समाधान निकालना होना चाहिए।
किसानों और जनता के हित से जुड़ा मुद्दा
महानदी जल विवाद का सीधा संबंध दोनों राज्यों के किसानों और आम लोगों से भी जुड़ा है। नदी के पानी का उपयोग सिंचाई, पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए किया जाता है।
ऐसे में दोनों राज्यों के बीच सहमति बनने से जल प्रबंधन को लेकर स्पष्टता आने की उम्मीद है।
जल्द समाधान का जताया भरोसा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महानदी जल विवाद का समाधान जल्द हो सकता है। उन्होंने कहा कि बातचीत और समन्वय के माध्यम से इस मुद्दे को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच सहयोग और मजबूत होगा।





