महानदी में बढ़ते जलस्तर से ओडिशा में अलर्ट, चार जिलों पर प्रशासन की नजर
भुवनेश्वर। ओडिशा में महानदी नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। राज्य सरकार ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पुरी, जगतसिंहपुर, खुर्दा और कटक जिलों को अलर्ट पर रखा है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने शुक्रवार को राज्य में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के बाद यह जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि राज्य की अधिकांश नदियों में जलस्तर अब खतरे के निशान से नीचे आ गया है, लेकिन महानदी में पानी का प्रवाह लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में महानदी में करीब 8.65 लाख क्यूसेक पानी बह रहा है, जिसके कारण निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
सुरेश पुजारी ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। संबंधित जिलों के अधिकारियों को अलर्ट रहने और स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
महानदी ओडिशा की प्रमुख नदियों में से एक है और इसके जलस्तर में वृद्धि का सीधा असर नदी के आसपास बसे इलाकों पर पड़ता है। खासकर निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बाढ़ का खतरा अधिक रहता है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में तैयारियां तेज कर दी हैं।
अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को तैयार रखा गया है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे नदी के जलस्तर, तटबंधों की स्थिति और संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखें। इसके अलावा स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
मौसम और जलप्रवाह की स्थिति को देखते हुए प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में महानदी के जलस्तर में और बदलाव हो सकता है। इसलिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे पहले राज्य की कई अन्य नदियों में भी बारिश के कारण जलस्तर बढ़ गया था, लेकिन अब उनमें कमी आने लगी है। हालांकि महानदी में पानी का दबाव बना हुआ है, जिससे आसपास के जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
कटक और पुरी जैसे जिलों में महानदी प्रणाली का बड़ा प्रभाव है। इन क्षेत्रों में प्रशासन ने निचले इलाकों की स्थिति पर नजर रखने के साथ-साथ जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नियंत्रण कक्षों को सक्रिय रखने और स्थानीय अधिकारियों से नियमित रिपोर्ट लेने की व्यवस्था की है। राहत सामग्री, नावों और अन्य आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता की भी समीक्षा की जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नदियों में अचानक बढ़ता जलस्तर मानसून के दौरान सामान्य स्थिति हो सकती है, लेकिन समय पर निगरानी और तैयारी से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
फिलहाल ओडिशा सरकार महानदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाएगा।
चार जिलों को अलर्ट पर रखने के बाद अब प्रशासन की पूरी कोशिश है कि बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित रखा जाए और लोगों को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।