ओडिशा के चार जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

Update: 2026-07-30 04:20 GMT

भुवनेश्वर। ओडिशा में मानसून की सक्रियता के बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के चार जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने गुरुवार यानी 30 जुलाई को नुआपाड़ा, कालाहांडी, नबरंगपुर और कोरापुट जिलों में अत्यधिक बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज वॉर्निंग जारी की है। विभाग ने लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसार, 30 जुलाई को इन चारों जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों और नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन को संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।

IMD की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण और पश्चिमी ओडिशा के कई हिस्सों में मानसूनी बादल सक्रिय हैं। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण राज्य के कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। खासकर पहाड़ी और वन क्षेत्रों वाले जिलों में भारी बारिश का असर अधिक देखने को मिल सकता है।

नुआपाड़ा, कालाहांडी, नबरंगपुर और कोरापुट जिले भौगोलिक रूप से ऐसे क्षेत्र हैं जहां भारी बारिश के दौरान कई बार सड़क संपर्क प्रभावित हो जाता है। इन जिलों में पहाड़ी इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के कारण भूस्खलन, कच्ची सड़कों को नुकसान और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन को निगरानी बढ़ाने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि मौसम की स्थिति गंभीर हो सकती है और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें और बिना आवश्यकता के संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचें। बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

बारिश के दौरान किसानों के लिए भी मौसम विभाग ने सावधानी बरतने को कहा है। खेतों में काम करने वाले किसानों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचने की सलाह दी गई है। वहीं, जिन इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, वहां जल निकासी और फसलों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

राज्य सरकार और जिला प्रशासन मौसम विभाग की चेतावनी के बाद अलर्ट मोड पर हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संवेदनशील इलाकों पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया जा सके। आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है।

ओडिशा में मानसून के दौरान भारी बारिश कोई नई बात नहीं है, लेकिन कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर इसका असर जनजीवन पर पड़ता है। कई बार नदियों का जलस्तर बढ़ने, ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बाधित होने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियां लोगों को पहले से तैयार रहने में मदद करती हैं।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय मानसून की गतिविधियों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है, जबकि कुछ हिस्सों में वर्षा कम भी रह सकती है। स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण एक ही राज्य के अलग-अलग जिलों में बारिश का प्रभाव अलग-अलग देखने को मिल सकता है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें। विशेष रूप से नदी किनारे रहने वाले लोगों, पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों और यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

फिलहाल ओडिशा के चार जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है। IMD की ऑरेंज चेतावनी के बाद प्रशासन संभावित चुनौतियों से निपटने की तैयारी में जुट गया है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और जरूरत के अनुसार आगे के दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

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