Ib नदी हादसे में दो युवकों की मौत के बाद परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
Odisha ओडिशा: रविवार को झारसुगुड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब इब नदी में डूबने से दो युवकों की मौत के बाद उनके परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार, सदर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाले पंकज कुमार साहू (21) और अभिराम साहू (16) अपने साथियों के साथ बुधिपादार गांव के पास Ib River के किनारे नहाने गए थे। इसी दौरान दोनों युवक गहरे पानी में फिसल गए और डूब गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव कार्य करते हुए दोनों को नदी से बाहर निकाला।
इसके बाद स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस पहुंचने में काफी देर हो गई। इस देरी के कारण दोनों युवकों को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। परिजनों का कहना है कि यदि एंबुलेंस समय पर पहुंच जाती तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी।
घायल अवस्था में दोनों युवकों को झारसुगुड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल लाया गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि यहां पहुंचने के बाद भी उन्हें तुरंत इलाज नहीं मिला। अस्पताल में उपचार में देरी को लेकर परिवार के लोगों ने गुस्सा जताया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ानी पड़ी।
बाद में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने दोनों युवकों की जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के इस घोषणा के बाद परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया और उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस सेवा और इलाज में हुई देरी के कारण ही दोनों युवकों की जान गई है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए स्थिति बेहद तनावपूर्ण रही, हालांकि बाद में पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में माहौल को नियंत्रित किया गया। अधिकारियों ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की देरी अक्सर जानलेवा साबित होती है। उन्होंने एंबुलेंस सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने की मांग की है।
इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और उनके समय पर उपलब्ध होने की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।