भुवनेश्वर: डिप्टी सीएम प्रवति परिदा ने रविवार को 'श्री जगन्नाथ दर्शन योजना' (2025-26) के तहत तीन जिलों के लगभग 910 बुजुर्गों की पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर की पहली तीर्थयात्रा को वर्चुअली हरी झंडी दिखाई।

इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए परिदा ने कहा कि हर ओडिया व्यक्ति की भगवान जगन्नाथ के दर्शन की आध्यात्मिक इच्छा को पूरा करना सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा, "इस पहल से राज्य भर के बुजुर्गों को श्रीक्षेत्र जाने और भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेने का मौका मिला है।"

योजना के पहले चरण में, 20 सितंबर (रविवार) से 26 अक्टूबर, 2026 के बीच 13 जिलों के 10,434 बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के पुरी जाने की व्यवस्था की गई है। जिस दिन पहली तीर्थयात्रा शुरू हुई, उसमें मलकानगिरी से 490, कोरापुट से 210 और नबरंगपुर से 210 बुजुर्ग शामिल थे।

तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए हर बस में तीन एस्कॉर्ट अधिकारी और एक पैरामेडिकल स्टाफ सदस्य तैनात किया गया है। वे पूरी यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के साथ रहेंगे और उनकी सेहत व अन्य जरूरतों का ध्यान रखेंगे।

इस पैकेज में श्रीमंदिर में दर्शन की व्यवस्था के अलावा मुफ्त स्वास्थ्य जांच, दिन में चार बार शाकाहारी भोजन, किट बैग, पहचान पत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल हैं।

इस योजना का मकसद एक लाख बुजुर्गों को श्री जगन्नाथ मंदिर में पवित्र त्रिमूर्ति के दर्शन कराना है। चालू वर्ष में, लगभग 30,000 पात्र लाभार्थी इस अवसर का लाभ उठाएंगे।

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