चौद्वार जेल से कैदियों के फरार होने के मामले में सीनियर जेल अधीक्षक गिरफ्तार
भुवनेश्वर। ओडिशा की चौद्वार सर्कल जेल से दो कैदियों के फरार होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल के सीनियर सुपरिटेंडेंट सुजीत कुमार राउल को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि जेल रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और कैदियों के फरार होने की घटना में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, चौद्वार पुलिस की 10 सदस्यीय टीम ने सुजीत कुमार राउल को भुवनेश्वर के शहीद नगर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए चौद्वार पुलिस स्टेशन लेकर गई, जहां मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है।
यह मामला 3 अक्टूबर 2025 को दशहरा समारोह के दौरान चौद्वार सर्कल जेल से दो कैदियों के फरार होने की घटना से जुड़ा है। फरार कैदियों की पहचान बिहार निवासी राजा साहनी और मधुकांत कुमार के रूप में हुई थी। दोनों कैदियों को बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस के अनुसार, कैदियों के जेल से भागने के बाद जेल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठे थे। इसी दौरान जेल रिकॉर्ड और सुरक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं की जांच शुरू की गई।
मामले में पूर्व जेलर संतोषिनी दास ने 17 जनवरी 2026 को आरोप लगाया था कि सुजीत कुमार राउल ने कैदियों के फरार होने में मदद की थी। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
शिकायत के बाद पुलिस ने जेल की मिनट बुक, एंट्री-एग्जिट रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू की। जांच के दौरान रिकॉर्ड में कथित बदलाव और हेरफेर की बात सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई आगे बढ़ाई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कैदियों के फरार होने में किस-किस की भूमिका थी और क्या जेल रिकॉर्ड में जानबूझकर बदलाव किए गए थे।
चौद्वार सर्कल जेल से कैदियों का फरार होना जेल सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल माना गया था। घटना के बाद जेल प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी और लापरवाही के कारणों का पता लगाने की कोशिश की गई थी।
पुलिस अब गिरफ्तार किए गए जेल अधिकारी से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जेल रिकॉर्ड किसी भी सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। कैदियों की आवाजाही, मुलाकात और अन्य गतिविधियों का रिकॉर्ड इसमें दर्ज किया जाता है। ऐसे में रिकॉर्ड में किसी भी तरह की अनियमितता को गंभीर मामला माना जाता है।
इस मामले में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या फरार कैदियों को किसी तरह की अंदरूनी मदद मिली थी। इसके अलावा जेल के अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
घटना के बाद जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सुजीत कुमार राउल की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज कर दी गई है। पुलिस मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों और तथ्यों की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कैदियों के फरार होने की घटना में किन लोगों की भूमिका थी।
चौद्वार जेल मामले में हुई यह कार्रवाई जेल प्रशासन की जवाबदेही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा।