नाबालिग से यौन उत्पीड़न के दोषी को 20 साल की कठोर कैद, कोर्ट ने सुनाया कड़ा फैसला
POCSO मामले में सख्त सज़ा
मिज़ोरम: एक अधिकारी ने 2 अगस्त को बताया कि मिज़ोरम के सेरछिप ज़िले की एक अदालत ने तीन साल पहले एक नाबालिग के साथ यौन शोषण करने के आरोप में एक व्यक्ति को 20 साल की सख़्त क़ैद और 2 लाख रुपये का जुर्माना भरने की सज़ा सुनाई है।
थेनज़ॉल के रहने वाले दोषी आरटी लालह्लिमपुइया को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज जूली लालरिनज़ामी ने 17 जुलाई को 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम' (POCSO एक्ट) के तहत दोषी ठहराया था।
अदालत ने लालह्लिमपुइया को 20 साल की सख़्त क़ैद और 2 लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया।
अधिकारी ने बताया कि जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे एक साल की अतिरिक्त क़ैद काटनी होगी।
अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, यह अपराध 2023 में किया गया था, जिसके बाद आरोपी के ख़िलाफ़ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अदालत के रिकॉर्ड से यह भी पता चला है कि लालह्लिमपुइया पर बच्चों के यौन शोषण का एक और मामला चल रहा है, जिसकी सुनवाई अभी उसी अदालत में लंबित है।