Meghalay मेघालय: उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसांग ने हाल ही में GNLA (गोल्डन नेशनल लिबरेशन आर्मी) की कथित भर्ती को लेकर उठ रही अफवाहों को स्पष्ट रूप से खारिज किया। उन्होंने कहा कि इसे GNLA की भर्ती नहीं कहा जा सकता और इस मामले में कोई सशस्त्र संगठन शामिल नहीं था।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, “आप इसे GNLA की भर्ती नहीं कह सकते—नहीं, ऐसा कुछ भी नहीं था। लेकिन निश्चित रूप से, एक समूह अपराधियों का इसमें शामिल था। संभव है कि वे कई प्रकार की आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देना चाहते थे।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं और जनता की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है।
टिनसांग ने यह बताया कि मामले में शामिल अपराधियों के इरादे स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि वे विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो सकते थे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही ध्यान दें।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मेघालय में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी तरह की सुरक्षा चुनौती को गंभीरता से ले रही है और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।
इस बयान के बाद, राज्य के लोगों में सुरक्षा और शांति की भावना को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि कोई भी असामाजिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री के स्पष्ट बयान से यह संदेश जाता है कि मेघालय सरकार GNLA या किसी भी सशस्त्र संगठन के कथित फैलाव को गंभीरता से ले रही है, लेकिन वर्तमान मामले में केवल एक अपराधियों का समूह ही शामिल था, जो संभावित रूप से आपराधिक गतिविधियों की योजना बना रहा था।
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