रेबीज़ कंट्रोल अभियान में शिलांग के पेट ओनर्स पर कार्रवाई
लापरवाही पर FIR और जुर्माना
शिलांग: मेघालय की राजधानी शिलांग में रेबीज की रोकथाम और पालतू जानवरों के बेहतर प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पालतू कुत्तों का पंजीकरण, एंटी-रेबीज टीकाकरण और जरूरी नियमों का पालन नहीं करने वाले मालिकों पर कार्रवाई की जा सकती है। नियमों की अनदेखी करने पर जुर्माने के साथ प्राथमिकी यानी FIR दर्ज किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
रेबीज नियंत्रण पर प्रशासन का जोर
शिलांग में रेबीज नियंत्रण अभियान का उद्देश्य पालतू और आवारा कुत्तों के माध्यम से फैलने वाले संक्रमण के जोखिम को कम करना है। इसके लिए पालतू जानवरों के मालिकों से अपने कुत्तों का समय पर टीकाकरण कराने और उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर जिम्मेदारी के साथ रखने की अपील की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि रेबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। संक्रमण की रोकथाम के लिए कुत्तों का टीकाकरण सबसे महत्वपूर्ण उपायों में से एक है। ऐसे में पालतू जानवरों को बिना टीके के रखना या उनके संबंध में निर्धारित नियमों का पालन नहीं करना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
पंजीकरण और टीकाकरण जरूरी
अभियान के तहत पालतू जानवरों के मालिकों को अपने कुत्तों का आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीकरण कराने और एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से लोगों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा जा सकता है कि उनके पालतू जानवर सार्वजनिक जगहों पर दूसरों के लिए परेशानी या खतरा न बनें।
विशेषज्ञों के अनुसार कुत्ते के काटने की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है। रेबीज के लक्षण सामने आने के बाद बीमारी बेहद गंभीर हो जाती है, इसलिए काटने के बाद समय पर इलाज और वैक्सीनेशन महत्वपूर्ण होता है।
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
अभियान के दौरान अगर कोई पालतू जानवर का मालिक प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों की अनदेखी करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसमें जुर्माना लगाने से लेकर गंभीर या लगातार उल्लंघन की स्थिति में FIR दर्ज करने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।
प्रशासन का फोकस केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि पालतू जानवरों के मालिकों को जिम्मेदार बनाना भी है। अधिकारियों की कोशिश है कि लोग अपने पालतू जानवरों के स्वास्थ्य, टीकाकरण और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े नियमों को गंभीरता से लें।
लोगों से सहयोग की अपील
रेबीज नियंत्रण अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने पालतू जानवरों के मालिकों से सहयोग की अपील की है। लोगों को अपने पालतू कुत्तों का टीकाकरण रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराने की सलाह दी जा रही है।
साथ ही आवारा कुत्तों के टीकाकरण और उनकी आबादी को नियंत्रित करने के प्रयास भी रेबीज नियंत्रण की व्यापक रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं। केवल पालतू कुत्तों का टीकाकरण पर्याप्त नहीं है, क्योंकि आवारा कुत्तों के बीच संक्रमण का प्रसार भी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए चुनौती बना रहता है।
जिम्मेदार पेट ओनरशिप पर जोर
शिलांग में शुरू किया गया यह अभियान पालतू जानवर रखने वाले लोगों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पालतू जानवरों का नियमित टीकाकरण, उचित देखभाल और सार्वजनिक स्थानों पर जिम्मेदार व्यवहार संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।
प्रशासन की चेतावनी के बाद अब पालतू जानवरों के मालिकों से उम्मीद की जा रही है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करेंगे। अभियान के दौरान लापरवाही सामने आने पर जुर्माने और FIR जैसी कार्रवाई से बचने के लिए पंजीकरण और टीकाकरण संबंधी औपचारिकताएं समय पर पूरी करना जरूरी होगा।