शिलांग: मेघालय में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए आठ विधायकों ने शुक्रवार को मेघालय विधानसभा में औपचारिक पत्र सौंपकर अपने विलय की जानकारी दी। ये आठों विधायक 23 सितंबर को नई दिल्ली में BJP में शामिल हुए थे।

स्पीकर की गैरमौजूदगी में सौंपे दस्तावेज
मेघालय विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए. संगमा इस समय माल्टा में आधिकारिक स्टडी टूर पर हैं। उनकी अनुपस्थिति में आठों विधायकों की ओर से विलय संबंधी दस्तावेज विधानसभा के सलाहकार (विधायी) एंड्रयू साइमंस को सौंपे गए। इस दौरान मेघालय BJP अध्यक्ष रिकमैन जी. मोमिन और BJP विधायक व मंत्री सनबोर शुल्लाई भी मौजूद रहे।
साइमंस ने बताया कि सभी आठ विधायकों के दस्तावेज प्राप्त हो गए हैं और पत्र विधानसभा अध्यक्ष को संबोधित है। अब इन दस्तावेजों की लागू नियमों और संवैधानिक प्रावधानों के तहत जांच की जाएगी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष इस मामले में उचित आदेश जारी करेंगे।
इन आठ विधायकों ने छोड़ी UDP
UDP से BJP में जाने वाले विधायकों में लाहकेन रिम्बुई, किरमेन शायला, ओलान सिंह सुइन, मैथ्यू बियॉन्डस्टार कुर्बाह, मेरालबॉर्न सियेम, पियस मारवेन, सिनशार थाबाह और बालाजिएड सिनरेम शामिल हैं।
पत्र सौंपते समय इनमें से सात विधायक व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे। मेरालबॉर्न सियेम वहां उपस्थित नहीं थे, लेकिन उनके दस्तावेज भी अन्य विधायकों के साथ जमा किए गए।
BJP में 23 सितंबर को हुए थे शामिल
आठों विधायकों ने बुधवार, 23 सितंबर को नई दिल्ली स्थित BJP मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ली थी। उस दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा और अन्य पार्टी नेता मौजूद थे।
लाहकेन रिम्बुई ने पार्टी बदलने के पीछे मेघालय से जुड़े कई मुद्दों का उल्लेख किया था। इनमें खासी और गारो भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने, कोयला खनन से जुड़े नियमों, Meghalaya Residents Safety and Security Act और हरिजन कॉलोनी के स्थानांतरण जैसे मुद्दे शामिल थे। ये आठ विधायकों की ओर से बताए गए कारण और मांगें हैं।
विधानसभा में BJP की संख्या 2 से बढ़कर 10
मेघालय विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं। UDP के आठ विधायकों के BJP में शामिल होने से BJP के विधायकों की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई है, जबकि UDP की संख्या 12 से घटकर चार रह गई है। BJP अब संख्या के लिहाज से NPP के बाद विधानसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।
BJP और UDP दोनों मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व वाले मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (MDA) का हिस्सा रहे हैं। इसलिए यह बदलाव सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर दो सहयोगी दलों के बीच विधायकों के स्थानांतरण का मामला भी है।
अब स्पीकर करेंगे विलय के दावे की जांच
आठ विधायकों ने अपने कदम को BJP के साथ 'विलय' बताया है। हालांकि UDP के चार विधायक अभी पार्टी में बने हुए हैं। विधानसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि इस दावे और प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच विधानसभा अध्यक्ष द्वारा लागू संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर की जाएगी। इसलिए विधानसभा में इस विलय की औपचारिक मान्यता पर अंतिम फैसला अभी होना बाकी है।
रिपोर्ट के मुताबिक UDP ने इन आठ विधायकों के खिलाफ संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता की मांग वाली याचिका भी दी है। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष विलय के दावे और अयोग्यता से जुड़े पहलुओं की संवैधानिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल आठों विधायकों की ओर से पत्र सौंपे जाने के साथ BJP में जाने का विधानसभा संबंधी औपचारिक चरण आगे बढ़ गया है। अब विधानसभा अध्यक्ष की जांच और आदेश के बाद ही विलय की विधायी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
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