मेघालय: ईस्ट खासी हिल्स में 31 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को एक पायलट प्रोग्राम के लिए चुना गया है। इस प्रोग्राम का मकसद कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए गणित और विज्ञान में डिजिटल और इंटरैक्टिव लर्निंग शुरू करना है।
इस पहल को मेघालय सरकार के शिक्षा विभाग और CK-12 फाउंडेशन के सहयोग से 'मेघालय प्रोग्राम फॉर एडोलसेंट वेलबीइंग, एम्पावरमेंट एंड रेजिलिएंस' (MPOWER) ने शुरू किया है।
इस प्रोग्राम के तहत, जिले के 47 शिक्षकों और चार स्कूल प्रिंसिपलों को डिजिटल लर्निंग के तरीकों और CK-12 लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी गई है।
इस पायलट प्रोग्राम में ग्रामीण और शहरी दोनों तरह के स्कूल शामिल होंगे। इसमें यह देखा जाएगा कि रेगुलर क्लासरूम टीचिंग में डिजिटल और ब्लेंडेड लर्निंग को कैसे शामिल किया जा सकता है।
CK-12 प्लेटफ़ॉर्म गणित और विज्ञान में इंटरैक्टिव और एडेप्टिव रिसोर्स देता है। साथ ही, इसमें 'फ्लेक्सी' (Flexi) नाम का AI-पावर्ड ट्यूटर भी है, जो छात्रों को स्टेप-बाय-स्टेप गाइडेंस और पर्सनलाइज़्ड सपोर्ट देता है।
MPOWER इसमें शामिल स्कूलों को ICT इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे डिवाइस और कनेक्टिविटी) के साथ मदद करेगा। यह प्रोग्राम की निगरानी और मूल्यांकन भी करेगा और इसके लागू होने और नतीजों की समीक्षा करेगा।
इस पहल का मकसद छात्रों को मुख्य कॉन्सेप्ट्स की समझ बेहतर करने और क्लासरूम लर्निंग में ज़्यादा सक्रिय रूप से शामिल होने में मदद करना है। साथ ही, यह शिक्षकों को डिजिटल रिसोर्स और लर्निंग डेटा का इस्तेमाल करके खास तौर पर ज़रूरी मदद देने में भी मदद करेगा।
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