Meghalaya मेघालय: मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले में पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन ने नदियों से रेत निकालने और पहाड़ी ढलानों पर बिना अनुमति के खनन गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
ईस्ट खासी हिल्स के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि जिले की सभी नदियों से गैर-कानूनी तरीके से रेत निकालने की गतिविधियों को तुरंत बंद किया जाए। इसके साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में बिना अनुमति चल रही माइनिंग गतिविधियों पर भी सख्त प्रतिबंध लगाया गया है।
प्रशासन के अनुसार यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। हाल के समय में जिले के विभिन्न हिस्सों में अवैध रेत खनन की गतिविधियां बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही थीं, जिससे नदियों के प्राकृतिक प्रवाह और आसपास के पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि अनियंत्रित रेत खनन से नदी तटों का क्षरण, जल स्तर में बदलाव और भूस्खलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसी कारण यह रोक जरूरी मानी गई है।
जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी व्यक्ति या समूह को बिना वैध अनुमति के खनन गतिविधि करने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों और पुलिस को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाएं और अवैध खनन गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाएं। साथ ही नदी किनारों और पहाड़ी इलाकों में नियमित निरीक्षण करने को भी कहा गया है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राज्य के कई हिस्सों में पर्यावरणीय असंतुलन और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन को लेकर चिंता जताई जा रही है।
स्थानीय स्तर पर पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा की दिशा में एक जरूरी कदम बताया है। उनका कहना है कि अगर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में गंभीर पर्यावरणीय समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
फिलहाल प्रशासन ने आदेश को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे जिले में अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगेगी।