Meghalaya मेघालय: मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने सोमवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र अब अपनी विकास यात्रा को नई दिशा देने के लिए “बड़े सपने देखने की हिम्मत” कर रहा है। उन्होंने यह बयान एक समिट में दिया, जहां उन्होंने क्षेत्र के आर्थिक और पर्यटन विकास को लेकर भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात की।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आने वाले कुछ वर्षों में मेघालय में आठ नए फाइव-स्टार होटल खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। संगमा के अनुसार, बेहतर होटल इंफ्रास्ट्रक्चर से न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी मजबूत होंगे।
अपने संबोधन में कॉनराड संगमा ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र अब उस स्थिति में पहुंच चुका है जहां विकास को गति देने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति, स्पष्ट नीति और नई सोच मौजूद है। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि पूर्वोत्तर के राज्य अब बड़े सपने देखने की हिम्मत कर रहे हैं और इन्हें साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि विकास केवल योजनाओं की घोषणा से नहीं होता, बल्कि उसे जमीन पर उतारने के लिए सभी राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता होती है। उनके अनुसार, “हमें बस चीज़ों को आपस में जोड़ने की जरूरत है,” ताकि इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, कनेक्टिविटी और निवेश के बीच एक मजबूत नेटवर्क तैयार हो सके।
मुख्यमंत्री संगमा ने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे में सुधार हुआ है, जिससे निवेश का माहौल बेहतर बना है। सड़क, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार ने इस क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों से और अधिक जोड़ने का काम किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मेघालय में फाइव-स्टार होटलों की संख्या बढ़ने से राज्य की पर्यटन क्षमता में बड़ा बदलाव आ सकता है। मेघालय पहले से ही अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ों, झरनों और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है, और बेहतर आतिथ्य सुविधाओं से यह अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत हो सकता है।
समिट में मौजूद अधिकारियों और निवेशकों ने भी मुख्यमंत्री के दृष्टिकोण का स्वागत किया और कहा कि पूर्वोत्तर भारत अब निवेश के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। कई प्रतिभागियों ने इसे क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
फिलहाल राज्य सरकार का ध्यान पर्यटन, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन पर केंद्रित है। आने वाले समय में इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से पूर्वोत्तर की विकास यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।