शिलॉन्ग: मेघालय में एडवोकेट जनरल (AG) की नियुक्ति से जुड़े मुद्दे को लेकर राज्य के वकीलों ने विरोध का फैसला किया है। मेघालय हाई कोर्ट और अन्य अदालतों में प्रैक्टिस करने वाले वकील 1 सितंबर को काम से दूर रहेंगे और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे।
वकीलों का कहना है कि एडवोकेट जनरल पद से जुड़े कुछ मुद्दों को लेकर उनकी आपत्तियां हैं और सरकार को इस मामले में स्पष्टता लानी चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने एक दिन के न्यायिक कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है।
बार एसोसिएशन ने लिया फैसला
वकीलों के संगठन ने बैठक के बाद काम से दूर रहने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि यह कदम न्यायिक व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी मांगों और चिंताओं को सरकार तक पहुंचाने के लिए उठाया गया है।
अदालतों में कामकाज पर असर की संभावना
वकीलों के कार्य बहिष्कार से 1 सितंबर को अदालतों में सुनवाई और अन्य न्यायिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। हालांकि जरूरी मामलों को लेकर अदालतों में वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है।
सरकार से समाधान की मांग
वकीलों ने राज्य सरकार से अपील की है कि एडवोकेट जनरल से जुड़े मामले पर जल्द बातचीत कर समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि इस पद की निष्पक्षता और गरिमा बनाए रखना जरूरी है।
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