इम्फाल : खेल प्रतिभाओं के लिए देशभर में पहचान रखने वाले मणिपुर में खेल क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। एक सरकारी अधिकारी के अनुसार, राज्य की मजबूत खेल संस्कृति, प्रतिभाशाली खिलाड़ी और विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन इसे खेल से जुड़े निवेश के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बनाते हैं। बेहतर बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित कर राज्य की खेल विरासत को आर्थिक अवसरों से भी जोड़ा जा सकता है।

मणिपुर लंबे समय से फुटबॉल, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, हॉकी और अन्य खेलों में प्रतिभाशाली खिलाड़ी तैयार करता रहा है। राज्य के कई खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इसी मजबूत खेल परंपरा को देखते हुए राज्य में आधुनिक खेल सुविधाओं और संबंधित उद्योगों में निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया जा रहा है।
अधिकारी के मुताबिक, निवेश केवल बड़े स्टेडियम या खेल परिसरों तक सीमित नहीं होना चाहिए। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण केंद्र, स्पोर्ट्स साइंस सुविधाएं, फिटनेस सेंटर, उपकरण निर्माण, खेल अकादमियां और प्रतिभा विकास कार्यक्रम जैसे क्षेत्रों में भी अवसर तलाशे जा सकते हैं। निजी क्षेत्र की भागीदारी से खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
खेल पर्यटन को भी मणिपुर के लिए एक संभावित क्षेत्र के रूप में देखा जा सकता है। स्थानीय खेल परंपराओं और प्रतियोगिताओं को पर्यटन से जोड़ने पर राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। बड़े टूर्नामेंट और प्रशिक्षण शिविर आयोजित होने से होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं को भी लाभ मिल सकता है।
मणिपुर को आधुनिक पोलो की जन्मस्थली से जोड़कर देखा जाता है और यहां पारंपरिक रूप से खेले जाने वाले सगोल कांगजेई की विशेष पहचान है। ऐसी खेल विरासत राज्य को दूसरे क्षेत्रों से अलग बनाती है। इस विरासत के संरक्षण के साथ इसका योजनाबद्ध प्रचार खेल पर्यटन को नई दिशा दे सकता है।
राज्य के युवाओं में खेलों के प्रति मजबूत रुझान भी निवेश के लिए महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण सुविधाओं को बेहतर बनाने और प्रतिभाओं की पहचान के लिए व्यवस्थित कार्यक्रम चलाने से खिलाड़ियों को कम उम्र से बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
हालांकि किसी भी बड़े निवेश के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचे, स्थिर नीतियों, सुरक्षा, परिवहन और संस्थागत सहयोग की जरूरत होती है। इसलिए खेल क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के साथ इन पहलुओं पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
मणिपुर की खेल विरासत पहले ही देश को कई चर्चित खिलाड़ी दे चुकी है। अब इसे आधुनिक बुनियादी ढांचे, निजी निवेश और प्रशिक्षण सुविधाओं से जोड़कर खेल प्रतिभाओं के विकास के साथ रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

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