इम्फाल: कानून लागू करने वाली एजेंसियों और समाज कल्याण विभाग के एक संयुक्त ऑपरेशन में, मणिपुर और नई दिल्ली के बीच चल रहे मानव तस्करी के एक अंतर-राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। यह कार्रवाई गिरोह के एक मुख्य संदिग्ध को हिरासत में लेने और पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने के बाद की गई।
पुलिस ने 16 सितंबर को नई दिल्ली के घिटोरनी इलाके से इम्फाल पश्चिम जिले के रहने वाले 27 वर्षीय निंगोमबम रोनाल्डो को गिरफ्तार किया। उसे 18 सितंबर को इम्फाल पूर्व के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास के सामने पेश किया गया, जहां उसे 21 सितंबर तक पुलिस रिमांड में भेज दिया गया।
यह कार्रवाई 9 सितंबर को इम्फाल पूर्व महिला पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई उस शिकायत के बाद शुरू हुई, जिसमें इम्फाल पूर्व जिले के केइबी इलाके से छह युवतियों की संदिग्ध तस्करी की बात कही गई थी।
इसके बाद 10 सितंबर को केइबी कुमुदा लीकाई में एक घर पर छापा मारा गया, जिसमें 18 साल की एक युवती को बचाया गया और गिरोह के साथियों - चंदन तबाबी और खुमंथम नानाओ - को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई से दो पीड़ितों को राष्ट्रीय राजधानी ले जाने की योजना नाकाम हो गई।
बाद में हुई पूछताछ में स्थानीय सैलून चलाने वाली गायत्री को गिरफ्तार किया गया। उसने कबूल किया कि वह 'बोनी' नाम के एक फरार सरगना के कहने पर हॉस्पिटैलिटी और ब्यूटी पार्लर में नौकरी का झांसा देकर महिलाओं को भर्ती करती थी।
सरकारी वकील के अनुसार, यह गिरोह नौकरी का झूठा वादा करके पीड़ितों को फंसाता था और फिर यौन शोषण के लिए उन्हें दिल्ली के होटलों में बंधक बनाकर रखता था। शुरुआती पूछताछ से पता चला है कि रोनाल्डो पीड़ितों को अपने पास रखता था और बोनी से इसके बदले पैसे लेता था।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि यह नेटवर्क पहले ही चार-पांच महिलाओं की तस्करी करके उन्हें दिल्ली भेज चुका है।
मुख्य सरगना का पता लगाने के लिए रोनाल्डो अभी भी पुलिस हिरासत में है, जबकि तीन अन्य आरोपी 10 दिन की रिमांड पर हैं। बचाई गई पीड़िता को इम्फाल पूर्व जिले के पोरोमपट स्थित 'वन स्टॉप सेंटर' की देखरेख में रखा गया है।