ठाणे। महाराष्ट्र के लोकप्रिय पर्यटन स्थल मालशेज घाट के पास कालू वॉटरफॉल में रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया। भारी मॉनसून के बीच झरने के पास सेल्फी लेने की कोशिश कर रहा एक युवक अचानक फिसलकर गहरी घाटी की ओर गिरने लगा। हालांकि, युवक ने समय रहते एक चट्टान को पकड़ लिया और तेज बहाव वाले पानी में गिरने से बच गया। मौके पर मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों की तत्परता से उसकी जान बचाई जा सकी।
यह घटना एक बार फिर बारिश के मौसम में झरनों और घाटी वाले इलाकों में पर्यटन के दौरान सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। मानसून के दौरान कालू वॉटरफॉल और मालशेज घाट क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। लेकिन लगातार बारिश के कारण यहां चट्टानें बेहद फिसलन भरी हो जाती हैं और पानी का बहाव भी काफी तेज हो जाता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
सेल्फी लेने के दौरान हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि युवक झरने के आसपास घूम रहा था और सेल्फी लेने के लिए घाटी के बेहद करीब चला गया। वह ऐसी जगह पहुंच गया था, जहां नीचे गहरी खाई और तेज बहाव वाला पानी था। बारिश के कारण चट्टानों पर फिसलन थी और वहां पैर रखने के लिए सुरक्षित पकड़ भी नहीं थी।
सेल्फी लेने की कोशिश के दौरान अचानक युवक का पैर फिसल गया। संतुलन बिगड़ने के बाद वह घाटी की तरफ गिरने लगा। कुछ ही क्षणों में स्थिति बेहद गंभीर हो गई। नीचे पानी का बहाव तेज था और युवक के गिरने पर उसके बचने की संभावना बेहद कम हो सकती थी।
हालांकि, युवक ने गिरते समय खुद को संभालने की कोशिश की और एक चट्टान को पकड़ लिया। इसी वजह से वह सीधे नीचे बह रहे तेज पानी में गिरने से बच गया। वह काफी देर तक खतरनाक स्थिति में चट्टान के सहारे फंसा रहा।
पर्यटकों ने दिखाई सूझबूझ
युवक को इस हालत में देखकर आसपास मौजूद पर्यटक और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए आगे आए। उन्होंने बिना समय गंवाए युवक को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी।
मौके पर तत्काल कोई विशेष बचाव उपकरण उपलब्ध नहीं था। इसके बावजूद वहां मौजूद लोगों ने अपनी सूझबूझ का इस्तेमाल करते हुए साड़ियों और कपड़ों को आपस में जोड़कर एक लंबी रस्सी जैसा सहारा तैयार किया।
इसके बाद इस अस्थायी रस्सी की मदद से युवक तक पहुंचने का प्रयास किया गया। जोखिम भरे इलाके में सावधानी से आगे बढ़ते हुए लोगों ने युवक को सहारा दिया। काफी मशक्कत के बाद उसे चट्टान के पास से सुरक्षित स्थान की ओर खींच लिया गया।
तेज बहाव के बीच बची जान
मानसून के दौरान कालू वॉटरफॉल का प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन इसी दौरान यहां खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। लगातार बारिश से झरने और आसपास की जलधाराओं में पानी का बहाव तेज हो जाता है। चट्टानों पर काई और पानी के कारण फिसलन बढ़ जाती है।
ऐसे में घाटी के किनारे जाकर फोटो या सेल्फी लेना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। इस घटना में युवक कुछ सेकंड के अंतर से गंभीर दुर्घटना का शिकार होने से बच गया।
यदि वह चट्टान को पकड़ने में सफल नहीं होता या बचाव में कुछ और समय लगता तो वह तेज बहाव वाले पानी और गहरी घाटी में गिर सकता था। इससे स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
मानसून में बढ़ जाता है खतरा
मालशेज घाट और आसपास का इलाका मानसून में विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र बन जाता है। बारिश, हरियाली, झरने और पहाड़ी दृश्य बड़ी संख्या में पर्यटकों को यहां खींचते हैं। लेकिन भारी बारिश के दौरान यही प्राकृतिक परिस्थितियां जोखिम भी पैदा करती हैं।
झरनों के आसपास जमीन और चट्टानों की स्थिति अचानक बदल सकती है। कहीं पानी का बहाव बढ़ जाता है तो कहीं चट्टानों पर फिसलन इतनी अधिक हो जाती है कि खड़े रहना भी मुश्किल हो जाता है।
इसके अलावा, लगातार बारिश के कारण छोटी जलधाराएं अचानक तेज हो सकती हैं। ऐसे में पर्यटकों के लिए सुरक्षित स्थान और खतरनाक क्षेत्र के बीच अंतर समझना जरूरी है।
सेल्फी के लिए जोखिम न लेने की अपील
इस घटना ने एक बार फिर पर्यटक स्थलों पर सेल्फी के लिए जोखिम लेने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े किए हैं। खूबसूरत प्राकृतिक नजारों को कैमरे में कैद करने के दौरान कई लोग सुरक्षा सीमा को नजरअंदाज कर देते हैं।
घाटी, झरने और तेज बहाव वाले पानी के आसपास सेल्फी लेने की कोशिश विशेष रूप से खतरनाक हो सकती है। एक छोटी सी चूक भी जानलेवा हादसे में बदल सकती है।
पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित और सुरक्षित स्थानों पर ही तस्वीरें लें तथा स्थानीय प्रशासन या सुरक्षा कर्मियों की चेतावनियों का पालन करें।
बचाव ने दिखाई सामूहिक तत्परता
इस घटना में राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि आसपास मौजूद लोगों ने युवक को मुसीबत में देखकर तुरंत मदद की। उपलब्ध संसाधनों के अभाव में उन्होंने कपड़ों और साड़ियों को जोड़कर अस्थायी रस्सी तैयार की और युवक को सुरक्षित निकालने में मदद की।
स्थानीय लोगों और पर्यटकों की इस तत्परता से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, यह घटना यह भी बताती है कि मानसून के दौरान ऐसे पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और निगरानी कितनी जरूरी है।
कालू वॉटरफॉल में युवक की जान बचने के बाद अब पर्यटकों से अपील की जा रही है कि वे प्राकृतिक स्थलों की खूबसूरती का आनंद लेते समय अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। खासकर भारी बारिश के दौरान फिसलन भरी चट्टानों, गहरी घाटियों और तेज बहाव वाले पानी से पर्याप्त दूरी बनाए रखना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।