ठाणे/रायगढ़। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के खालापुर में KP वॉटरफॉल की ट्रेकिंग के दौरान एक 22 वर्षीय युवक की गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई। मृतक ठाणे का रहने वाला डॉग ट्रेनर अभिषेक हरिराम कुशवाहा था। रविवार शाम हादसे के बाद भारी बारिश और दुर्गम रास्तों के बीच खोपोली पुलिस, HELP फाउंडेशन के स्वयंसेवकों और स्थानीय युवाओं ने रातभर तलाशी अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार तड़के करीब 2:30 बजे युवक का शव बरामद किया गया।
मृतक की पहचान ठाणे (पश्चिम) के ढोकली नाका निवासी अभिषेक हरिराम कुशवाहा (22) के रूप में हुई है। अभिषेक पेशे से डॉग ट्रेनर था। घटना के बाद खोपोली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 194 के तहत आकस्मिक मौत (AD) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दोस्तों के साथ ट्रेकिंग पर गया था अभिषेक
पुलिस के अनुसार, अभिषेक कुशवाहा रविवार को अपने दोस्तों के साथ खालापुर क्षेत्र में घूमने और ट्रेकिंग के लिए गया था। उसके साथ साहिल हरिजन (17), देवा गायधनकर (22) और साहिल सावंत (19) भी मौजूद थे।
चारों दोस्त मानसून के दौरान लोकप्रिय माने जाने वाले KP वॉटरफॉल की ट्रेकिंग करने पहुंचे थे। यह स्थान ज़ेनिथ वॉटरफॉल के ऊपर स्थित है और बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं।
पुलिस के मुताबिक, रविवार शाम करीब 7 बजे अभिषेक और उसके दोस्त ज़ेनिथ वॉटरफॉल और KP वॉटरफॉल के बीच जंगल के रास्ते से आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान रास्ता बेहद कठिन और फिसलन भरा था।
जंगल के रास्ते में फिसला पैर
ट्रेकिंग के दौरान अचानक अभिषेक का पैर फिसल गया और वह संतुलन खोकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना अचानक हुआ कि उसके साथ मौजूद दोस्त कुछ समझ नहीं पाए।
दोस्तों ने तुरंत उसे तलाशने की कोशिश शुरू की, लेकिन अंधेरा बढ़ने और रास्ता बेहद खतरनाक होने के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। उनके पास न तो टॉर्च थी और न ही किसी तरह का बचाव उपकरण। इसके अलावा वे उस इलाके से पूरी तरह परिचित भी नहीं थे।
कई घंटे तक तलाश करने के बाद भी जब अभिषेक का पता नहीं चला तो दोस्तों ने स्थानीय लोगों से मदद लेने का फैसला किया।
रात साढ़े 11 बजे मांगी मदद
तीनों दोस्त रात करीब 11:30 बजे ज़ेनिथ ठाकुरवाड़ी पहुंचे और स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद स्थानीय युवाओं और बचाव दल को सक्रिय किया गया।
सूचना मिलने के बाद खोपोली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों और HELP फाउंडेशन के स्वयंसेवकों के साथ मिलकर रात में ही तलाशी अभियान शुरू किया।
बारिश और मुश्किल रास्तों के बीच चला अभियान
रेस्क्यू टीम के सामने कई चुनौतियां थीं। लगातार बारिश के कारण रास्ते फिसलन भरे थे और जंगल क्षेत्र में अंधेरा भी काफी था। इसके बावजूद पुलिस और स्वयंसेवकों ने हिम्मत नहीं हारी और कई घंटों तक खोज अभियान जारी रखा।
खाई और आसपास के दुर्गम इलाके में सावधानीपूर्वक तलाश की गई। आखिरकार सोमवार सुबह करीब 2:30 बजे टीम को अभिषेक का शव मिला।
इसके बाद शव को बाहर निकालकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
खोपोली पुलिस ने मामले में आकस्मिक मौत का प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रही है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा किस तरह हुआ और ट्रेकिंग के दौरान सुरक्षा संबंधी कौन-कौन सी सावधानियां बरती गई थीं।
मानसून ट्रेकिंग में सावधानी की जरूरत
महाराष्ट्र में मानसून के दौरान झरनों और पहाड़ी इलाकों में बड़ी संख्या में लोग घूमने पहुंचते हैं। बारिश के मौसम में ऐसे स्थानों पर फिसलन, तेज पानी का बहाव और दुर्गम रास्ते दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं।
विशेषज्ञों और प्रशासन की ओर से लगातार लोगों से अपील की जाती है कि वे ट्रेकिंग के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें, स्थानीय जानकारी रखें और आवश्यक सामान जैसे टॉर्च, प्राथमिक उपचार किट और अन्य सुरक्षा उपकरण साथ रखें।
खालापुर की इस घटना ने एक बार फिर मानसून पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को उजागर किया है। अभिषेक कुशवाहा की मौत से उसके परिवार और दोस्तों में शोक का माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों और बचाव दल की तत्परता से शव को समय रहते बरामद किया जा सका।