Maharashtra महाराष्ट्र: विरार में शिवसेना के विधायक विलास तारे ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए पर्यावरण संतुलन बनाए रखना और प्रदूषण को रोकना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि तालाबों में अतिरिक्त कचरा नहीं फेंका जाना चाहिए और सभी उपलब्ध सुविधाओं के माध्यम से हर क्षेत्र में स्वच्छता सुनिश्चित की जानी चाहिए। विलास तारे ने कहा, "उत्सवों के दौरान आसपास के क्षेत्रों को साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाए रखने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवक मिलकर इस दिशा में काम कर रहे हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि नागरिकों को भी इस पहल में सहयोग करना चाहिए और किसी भी तरह का कचरा पानी में न फेंकें।
विधायक ने यह स्पष्ट किया कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल नियमों का पालन करने से ही संभव है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और प्रदूषण से बचने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं, जिनका सभी को पालन करना आवश्यक है। इसके तहत तालाब, नालों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई विशेष रूप से सुनिश्चित की जा रही है। विलास तारे ने आगे बताया कि उत्सवों के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के लिए कचरा प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस दिशा में स्थानीय अधिकारियों और स्वयंसेवकों की टीम सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सफाई अभियान केवल सौंदर्य और स्वच्छता के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है।
स्थानीय नागरिकों ने विधायक की इस पहल का स्वागत किया और कहा कि यह कदम न केवल विरार के पर्यावरण को सुरक्षित रखेगा, बल्कि आने वाले उत्सवों के दौरान लोगों के अनुभव को भी बेहतर बनाएगा। कई लोगों ने आश्वस्त किया कि वे स्वयं भी स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करेंगे और किसी भी प्रकार के प्रदूषण से बचेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, तालाब और जल स्रोतों में कचरा डालने से जल प्रदूषण फैलता है और आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर असर पड़ता है। विधायक की ओर से इस दिशा में उठाए गए कदम स्थानीय पर्यावरण और समुदाय की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। कुल मिलाकर, शिवसेना विधायक विलास तारे का यह बयान और उनके द्वारा किए जा रहे प्रयास यह दिखाते हैं कि विरार में उत्सवों के दौरान पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे न केवल स्थानीय पर्यावरण संरक्षित रहेगा बल्कि नागरिकों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।