Mumbai मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। हाल ही में शिवसेना (शिंदे गुट) के नवनिर्वाचित सांसद संजय दीना पाटिल पर पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार करने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, संजय दीना पाटिल उन छह लोकसभा सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने 21 जून को उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थामा था। पार्टी बदलने के बाद पहली बार जब वह मीडिया के सामने आए, तो उन पर पत्रकारों द्वारा कुछ तीखे सवाल पूछे गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों से वह अचानक नाराज हो गए और अपना आपा खो बैठे। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर पत्रकारों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और यहां तक कि जान से मारने की धमकी देने जैसी बात भी कही, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
इस घटना के सामने आने के बाद मीडिया संगठनों और विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कई पत्रकार संगठनों ने इस मामले की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
मामला बढ़ता देख महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को खुद सामने आकर स्थिति को संभालना पड़ा। उन्होंने इस पूरे विवाद पर खेद व्यक्त करते हुए माफी भी मांगी है और कहा है कि इस तरह की घटनाएं स्वीकार नहीं की जा सकतीं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद न केवल व्यक्तिगत बयानबाजी तक सीमित है, बल्कि यह महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को भी दर्शाता है, जहां दल-बदल और आंतरिक असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
विपक्षी दलों ने भी इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा है और कहा है कि जनप्रतिनिधियों को अपने व्यवहार में संयम रखना चाहिए, खासकर तब जब वे सार्वजनिक पद पर हों।