महाराष्ट्र

पश्चिम रेलवे: महाप्रबंधक ने मुंबई-दिल्ली 160 किमी प्रति घंटे परियोजना की समीक्षा की

Kavita2
25 Jun 2026 5:53 PM IST
पश्चिम रेलवे: महाप्रबंधक ने मुंबई-दिल्ली 160 किमी प्रति घंटे परियोजना की समीक्षा की
x

Maharashtra महाराष्ट्र: पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पांडे ने अप्रैल 2026 में कार्यभार संभालने के बाद नेटवर्क पर चल रही कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी और समीक्षा तेज कर दी है। उनके नेतृत्व में पश्चिम रेलवे में क्षमता विस्तार और आधुनिक रेल सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

महाप्रबंधक रामाश्रय पांडे ने हाल ही में पश्चिम रेलवे नेटवर्क पर चल रही प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी साझा करते हुए कहा कि रेलवे के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई बड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इनमें मुंबई-दिल्ली 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रेन संचालन की परियोजना सबसे अहम मानी जा रही है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य दोनों महानगरों के बीच यात्रा समय को कम करना और यात्रियों को तेज एवं सुरक्षित रेल सेवा उपलब्ध कराना है। इसके लिए ट्रैक अपग्रेडेशन, सिग्नलिंग सिस्टम में सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है।

इसके अलावा, पश्चिम रेलवे में नए रेलवे टर्मिनलों के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि बढ़ते यात्री भार को संभाला जा सके और भीड़भाड़ को कम किया जा सके। इन टर्मिनलों के निर्माण से ट्रेनों के संचालन में भी अधिक दक्षता आने की उम्मीद है।

महाप्रबंधक ने उपनगरीय रेल सेवाओं के विस्तार पर भी विशेष चर्चा की। मुंबई उपनगरीय नेटवर्क, जो देश के सबसे व्यस्त रेलवे सिस्टम में से एक है, उसमें नई लाइनों और सुविधाओं के विस्तार की योजनाओं पर काम चल रहा है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को राहत मिलने की संभावना है।

इसके साथ ही रेलवे भूमि पुनर्विकास (लैंड री-डेवलपमेंट) परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेलवे की खाली और उपयोगी भूमि का बेहतर उपयोग करना है, जिससे न केवल रेलवे की आय बढ़ेगी बल्कि शहरी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

रामाश्रय पांडे ने बताया कि भविष्य की क्षमता वृद्धि के लिए रेलवे प्रणाली को मजबूत करना बेहद जरूरी है। बढ़ती यात्री और माल ढुलाई मांग को देखते हुए ट्रैक क्षमता, स्टेशन सुविधाओं और तकनीकी संसाधनों में लगातार सुधार किया जा रहा है।

पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, इन सभी परियोजनाओं का लक्ष्य न केवल रेलवे संचालन को आधुनिक बनाना है, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करना भी है।

महाप्रबंधक ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में पश्चिम रेलवे नेटवर्क पर कई और नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

फिलहाल, पश्चिम रेलवे में चल रहे ये विकास कार्य भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं, जिनका असर आने वाले वर्षों में पूरे नेटवर्क पर दिखाई देगा।

Next Story