छत्रपति संभाजीनगर : शहर में पानी की आपूर्ति को बेहतर बनाने और हर घर तक पर्याप्त जल पहुंचाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रशासन ने नई वॉटर सप्लाई स्कीम के लंबित कार्यों की समीक्षा शुरू कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार को डिविजनल कमिश्नर जी. श्रीकांत की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें योजना की प्रगति और बाकी बचे कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में डिविजनल कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलापूर्ति योजना के सभी लंबित कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने नगर निगम को एक ऐसी ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा, जिससे शहर के प्रत्येक घर तक नियमित और पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाया जा सके।
डिविजनल कमिश्नर कार्यालय में आयोजित इस समीक्षा बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिनू पी.एम., नगर आयुक्त अमोल येडगे, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की मुख्य अभियंता मनीषा पालंडे, संबंधित विभागों के अधिकारी और ठेका कंपनी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
लंबित कार्यों की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान नई वॉटर सप्लाई स्कीम के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत जल स्रोत, पाइपलाइन नेटवर्क, जल भंडारण क्षमता और वितरण व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
डिविजनल कमिश्नर जी. श्रीकांत ने सभी विभागों से कहा कि योजना के कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी और पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां भी तकनीकी या प्रशासनिक अड़चनें आ रही हैं, उन्हें आपसी समन्वय के माध्यम से जल्द दूर किया जाए, ताकि परियोजना का लाभ नागरिकों को समय पर मिल सके।
हर घर तक पानी पहुंचाने पर जोर
बैठक में सबसे अधिक जोर इस बात पर दिया गया कि शहर के किसी भी क्षेत्र में पानी की समस्या नहीं रहनी चाहिए। डिविजनल कमिश्नर ने नगर निगम को निर्देश दिया कि वह शहर के सभी इलाकों का आकलन कर ऐसी योजना तैयार करे, जिससे हर परिवार तक जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि केवल बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि तैयार व्यवस्था का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाने और निगरानी व्यवस्था को बेहतर करने की आवश्यकता है।
अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश
जी. श्रीकांत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे परियोजना के कामों की नियमित निगरानी करें और प्रगति की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता और समय दोनों का ध्यान रखना जरूरी है।
उन्होंने ठेका कंपनी के प्रतिनिधियों से भी काम की गति बढ़ाने और निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य पूरा करने को कहा। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
शहर की जल समस्या को कम करने की कोशिश
छत्रपति संभाजीनगर में लंबे समय से पानी की उपलब्धता और नियमित आपूर्ति एक बड़ी चुनौती रही है। शहर के कई क्षेत्रों में गर्मी के मौसम में जल संकट की स्थिति देखने को मिलती है। नई वॉटर सप्लाई स्कीम को इसी समस्या के स्थायी समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि योजना के पूरी तरह लागू होने के बाद शहर में जल वितरण व्यवस्था अधिक प्रभावी हो और नागरिकों को नियमित पानी उपलब्ध कराया जा सके।
विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
बैठक में मौजूद सभी विभागों के अधिकारियों को आपस में बेहतर समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए। डिविजनल कमिश्नर ने कहा कि इतनी बड़ी परियोजना को सफल बनाने के लिए नगर निगम, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभागों के बीच लगातार तालमेल जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियों को अपनी जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करना होगा, तभी योजना का वास्तविक लाभ शहर के लोगों तक पहुंच पाएगा।
जल्द पूरा करने की तैयारी
बैठक के बाद प्रशासन ने संकेत दिए कि नई वॉटर सप्लाई स्कीम के बाकी बचे कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए विशेष निगरानी की जाएगी। अधिकारियों को काम की गति बढ़ाने और आने वाली समस्याओं का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की कोशिश है कि शहर में पानी की समस्या को कम किया जाए और नागरिकों को बेहतर जल सुविधा उपलब्ध कराई जाए। नई योजना के माध्यम से आने वाले समय में छत्रपति संभाजीनगर की जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाने का लक्ष्य रखा गया है।