Maharashtra महाराष्ट्र: मानसून और जल संरक्षण को लेकर राज्य मंत्री इंद्रनील नाइक ने कहा है कि केवल बारिश और जलाशयों के भर जाने से जल संकट का स्थायी समाधान नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास करना समय की आवश्यकता है।
मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान इंद्रनील नाइक ने कहा कि वर्तमान में बारिश का मौसम है और राज्य के कई हिस्सों में वर्षा हो रही है। उन्होंने कहा, "आज बारिश हो रही है और हम भी बारिश के बीच खड़े हैं। आने वाले दो महीनों में राज्य के अधिकांश जलाशय, झीलें और जल स्रोत भर जाएंगे। कृत्रिम झीलों और जल निकायों में भी पर्याप्त पानी दिखाई देगा।"
हालांकि मंत्री ने चेतावनी दी कि केवल सतही जल स्रोतों के भर जाने को पर्याप्त नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि भूजल स्तर को बढ़ाने और संरक्षित करने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो भविष्य में जल संकट की समस्या बनी रह सकती है।
इंद्रनील नाइक ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य ने अच्छी बारिश देखी है, लेकिन इस वर्ष कई क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम वर्षा दर्ज की जा रही है। ऐसे में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण (रीचार्ज) की योजनाओं को प्राथमिकता देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार जल संसाधनों के संरक्षण और भूजल स्तर में सुधार के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है। मंत्री का मानना है कि वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण अभियान और भूजल पुनर्भरण जैसी पहलें भविष्य में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने नागरिकों से भी जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की।