Mumbai: न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक में 122 करोड़ के गबन मामले में छठी गिरफ्तारी हुई

"अरुणाचलम को 18 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेजा"

Update: 2025-03-17 07:13 GMT

मुंबई: न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक में 122 करोड़ के गबन मामले में वांछित एक और आरोपी ने आत्मसमर्पण कर िदया। मामले में यह छठी गिरफ्तारी है। मुंबई पुलिस ने बताया कि पिछले एक महीने से फरार अरुणाचलम उल्लानाथन मारुथुवर (62) ने दक्षिण मुंबई स्थित आर्थिक अपराध शाखा कार्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया।

महीने से फरार चल रहे अरुणाचलम उल्लानाथन मारुथुवर (62) ने कल (रविवार) सुबह दक्षिण मुंबई स्थित ईओडब्ल्यू कार्यालय में सरेंडर कर दिया।

अरुणाचलम को 18 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेजा

ईओडब्ल्यू अधिकारी ने बताया कि सरेंडर करने के बाद अरुणाचलम मारुथुवर को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 18 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में यह छठी गिरफ़्तारी है। पुलिस के मुताबिक, अरुणाचलम को सहकारी बैंक के पूर्व महाप्रबंधक और खातों के प्रमुख हितेश मेहता से गबन की गई राशि में से लगभग 30 करोड़ रुपए मिले थे।

सिविल ठेकेदार कपिल देधिया को गुजरात से किया गिरफ्तार

वित्तीय अपराध निरोधक इकाई ने शुक्रवार को वांछित आरोपी और सिविल ठेकेदार कपिल देधिया को पड़ोसी गुजरात के वडोदरा से गिरफ़्तार किया। यहां की एक अदालत ने उसे 19 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि गबन की गई राशि में से 12 करोड़ रुपए उसके खाते में जमा किए गए थे।

क्या है मामला?

पुलिस के अनुसार, न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक के मुंबई स्थित प्रभादेवी और गोरेगांव कार्यालयों की तिजोरियों से पूर्व महाप्रबंधक हितेश मेहता ने 122 करोड़ रुपये निकाल लिए थे। इस मामले में जांच जारी है।

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