Maharashtra महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के सांसद और MoS मुरलीधर मोहोल ने आज मीडिया के माध्यम से स्पष्ट किया कि उन्हें लगाए गए कुछ आरोपों के बारे में वह जनता को सच्चाई बताना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह सफाई किसी नेता विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि पुणे के नागरिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी और पारदर्शिता निभाने के लिए दी जा रही है। MoS मोहोल ने कहा, “मीडिया के माध्यम से मुझे अपने बारे में कुछ समाचार रिपोर्ट्स देखने को मिलीं। मैं आज यह सफाई इसलिए दे रहा हूँ क्योंकि पुणे के नागरिकों, जिन्होंने मुझे सांसद के रूप में चुना है, मुझसे ईमानदारी और पारदर्शिता की अपेक्षा रखते हैं। शायद, इन आरोपों को सुनने के बाद कुछ लोगों के मन में संदेह पैदा हुआ हो। इसलिए मैं उनके संदेह को दूर करने के लिए यहाँ हूँ।”
उन्होंने Raju Shetti के आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने उनके प्रति हमेशा सम्मान बनाए रखा है। “Raju Shetti ने जो कुछ आरोप लगाए, आप सभी ने देखा होंगे। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूँ। वह मुझे अच्छी तरह जानते हैं और हम अक्सर मिलते रहते हैं। मेरी केवल यह इच्छा थी कि आरोप लगाने से पहले वह मुझसे एक बार बात करते। मैं उन्हें पूरी जानकारी और सच्चाई समझा देता, तो शायद यह आरोप ही नहीं लगाए जाते। मुरलीधर मोहोल ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी विवाद को बढ़ाना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल जनता के सामने सच्चाई पेश करना और उनके मन में उठे संदेह को दूर करना है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने चुने हुए प्रतिनिधि के प्रति विश्वास बनाए रखें और आरोपों को बिना पूरी जानकारी के गंभीरता से न लें।
सांसद ने मीडिया के माध्यम से यह भी कहा कि सभी मामलों में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करना उनका मूल सिद्धांत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और जिम्मेदारी बनाए रखना किसी भी राजनेता के लिए सबसे महत्वपूर्ण गुण होना चाहिए। पुणे के नागरिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी जताते हुए MoS मोहोल ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जनता उनकी बात समझेगी और आरोपों की पृष्ठभूमि को जानने के बाद वे निष्पक्ष राय बनाएंगे। उन्होंने कहा कि इस सफाई का मकसद केवल तथ्यों को जनता तक पहुंचाना और किसी भी तरह के भ्रम को समाप्त करना है। मुरलीधर मोहोल की इस सफाई से यह संदेश गया कि राजनीतिक विवादों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उनका यह कदम जनता के बीच भरोसा बनाए रखने और अपने चुनावी कर्तव्यों का निर्वाह करने का प्रयास माना जा रहा है।