मुंबई। गैर-कानूनी ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म Parimatch और उससे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। ED के मुंबई जोनल कार्यालय की टीम ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली-NCR में कुल 12 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई ऑनलाइन सट्टेबाजी से कथित तौर पर अर्जित रकम को नकदी में बदलने, उसे विभिन्न माध्यमों से घुमाने और अवैध तरीके से देश से बाहर भेजने के आरोपों की जांच का हिस्सा है।

ED के अनुसार, तलाशी अभियान के तहत महाराष्ट्र में पांच, राजस्थान में दो, गुजरात में एक और दिल्ली-NCR में चार स्थानों को कवर किया गया। जांच एजेंसी की कार्रवाई का दायरा केवल सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन कंपनियों और पेशेवरों तक भी पहुंचा है, जिन पर कथित तौर पर इस नेटवर्क के पैसों को इधर-उधर करने में मदद करने का संदेह है।

पेमेंट कंपनियां भी जांच के घेरे में

ED की जांच में ऐसी पेमेंट कंपनियां प्रमुख रूप से निशाने पर हैं, जिन पर आरोप है कि उन्होंने सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को कैश मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) एजेंटों के जरिए नकदी में बदलने में भूमिका निभाई। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से आने वाली रकम किस तरह अलग-अलग खातों और भुगतान माध्यमों से गुजरती थी और उसे नकदी में बदलने की प्रक्रिया कैसे संचालित की जाती थी।

जांच का एक अहम पहलू पैसों की पूरी श्रृंखला का पता लगाना है। ED यह जानने का प्रयास कर रही है कि सट्टेबाजी से कथित तौर पर हासिल रकम किन-किन संस्थाओं और व्यक्तियों के माध्यम से आगे बढ़ाई गई और इस पूरी प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका रही।

CA और कंपनी सेक्रेटरी भी रडार पर

तलाशी के दायरे में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और कंपनी सेक्रेटरी भी शामिल हैं। ED को संदेह है कि कुछ पेशेवरों ने कथित तौर पर अवैध रेमिटेंस और फर्जी या दिखावटी Overseas Direct Investment (ODI) लेनदेन के जरिए रकम को भारत से बाहर भेजने में मदद की।

ODI के जरिए किसी भारतीय इकाई या व्यक्ति द्वारा विदेश में निवेश किया जाता है। जांच एजेंसी अब यह देख रही है कि जिन निवेश लेनदेन का इस्तेमाल कथित तौर पर रकम बाहर भेजने के लिए किया गया, वे वास्तविक कारोबारी गतिविधियों पर आधारित थे या केवल पैसों को देश से बाहर ले जाने के लिए बनाए गए थे।

ED की कार्रवाई में ऐसे दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हो सकते हैं, जिनसे लेनदेन की वास्तविक प्रकृति का पता चल सके। तलाशी के दौरान मिलने वाली जानकारी के आधार पर जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई तय कर सकती है।

पेमेंट गेटवे की भूमिका की भी जांच

ED ने उन पेमेंट गेटवे को भी जांच के दायरे में लिया है, जिन पर Parimatch के लिए पे-इन और पे-आउट संभालने का आरोप है। पे-इन का मतलब उपयोगकर्ताओं से रकम प्राप्त करने और पे-आउट का मतलब जीत या निकासी की रकम को संबंधित खातों तक पहुंचाने से है।

ऑनलाइन सट्टेबाजी के मामलों में डिजिटल भुगतान प्रणाली की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी वजह से जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि Parimatch से जुड़े कथित लेनदेन किन भुगतान चैनलों के माध्यम से संचालित किए गए। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि इन भुगतान गेटवे ने केवल तकनीकी सेवा प्रदान की या उन्हें कथित धन प्रवाह की जानकारी भी थी।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

Parimatch मामले में ED पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। एजेंसी के मुंबई जोनल कार्यालय ने अगस्त 2025 में इस मामले में 17 स्थानों पर तलाशी ली थी। उस कार्रवाई के दौरान करीब 110 करोड़ रुपये से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज किया गया था और विभिन्न दस्तावेज तथा डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे।

ED की पिछली जांच में यह आरोप सामने आया था कि Parimatch से जुड़े पैसों को देशभर में मौजूद म्यूल अकाउंट्स के जरिए अलग-अलग स्तरों पर घुमाया गया। एजेंसी ने यह भी कहा था कि जांच के दौरान एक साल में करीब 3,000 करोड़ रुपये के लेनदेन से जुड़े तथ्य सामने आए थे।

मुंबई साइबर पुलिस की FIR से शुरू हुई जांच

ED की यह जांच मुंबई साइबर पुलिस द्वारा Parimatch.com के खिलाफ दर्ज FIR से जुड़ी है। आरोप है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को निशाना बनाया गया और उनसे रकम ली गई। इसी आधार पर ED ने कथित अपराध से अर्जित रकम और उसके मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच शुरू की।

जांच आगे बढ़ने के साथ ED ने पैसों के प्रवाह से जुड़े विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान की। अब बुधवार की कार्रवाई के जरिए एजेंसी कथित नेटवर्क में पेमेंट कंपनियों, पेशेवर सेवा प्रदाताओं और भुगतान गेटवे की भूमिका को खंगाल रही है।

मनी ट्रेल खंगाल रही एजेंसी

ED की कार्रवाई का मुख्य फोकस कथित मनी ट्रेल को समझना है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि सट्टेबाजी से प्राप्त रकम किस खाते में गई, कहां से नकदी में बदली गई और किन माध्यमों से इसे आगे भेजा गया। इसके साथ ही विदेश भेजी गई रकम से जुड़े कथित ODI लेनदेन और रेमिटेंस की भी जांच की जा रही है।

तलाशी अभियान के दौरान बरामद होने वाले दस्तावेज, कंप्यूटर, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल सामग्री जांच के लिए अहम हो सकती है। इनसे भुगतान लेनदेन, कंपनियों के बीच संबंध और कथित वित्तीय नेटवर्क की जानकारी मिलने की संभावना है।

फिलहाल ED की 12 ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई जारी है। जांच एजेंसी की ओर से आगे बरामदगी, जब्ती या गिरफ्तारी के संबंध में विस्तृत जानकारी बाद में सामने आ सकती है। Parimatch मामले में ताजा कार्रवाई से साफ है कि ED अब केवल ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रहकर उसके कथित वित्तीय नेटवर्क, भुगतान व्यवस्था और रकम को देश से बाहर भेजने में मदद करने वाले लोगों व संस्थाओं की भूमिका की भी गहराई से जांच कर रही है।

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