नासिक। नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने वाघाड़ी इलाके के वाल्मीक नगर में एक ठिकाने पर छापा मारकर करीब 100 ग्राम MD यानी मेफेड्रोन जब्त किया है। जब्त नशीले पदार्थ की कीमत लगभग 3 लाख रुपये बताई गई है। हालांकि पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही संदिग्ध मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार संदिग्ध की पहचान रवि राजू भालेराव के रूप में हुई है। वह पंचवटी के वाघाड़ी इलाके में सैलानी बाबा चौक के पास रहता है। पुलिस को सूचना मिली थी कि उसके घर में कथित तौर पर बिक्री के उद्देश्य से नशीले पदार्थ रखे गए हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने छापेमारी की योजना तैयार की।

जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रामदास शेलके के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मंगलवार दोपहर करीब 2.40 बजे कार्रवाई शुरू की। छापेमारी और तलाशी की प्रक्रिया शाम करीब 6.15 बजे तक चली। इस दौरान पुलिस ने संदिग्ध ठिकाने की गहन तलाशी ली।

तलाशी के दौरान टीम को करीब 100 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। पुलिस ने इसे जब्त कर लिया। इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई गई है। बरामद सामग्री को जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है।

हालांकि छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपी रवि राजू भालेराव हाथ नहीं लगा। पुलिस को आते देख वह कथित तौर पर मौके से भागने में सफल रहा। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाके में उसकी तलाश की, लेकिन तत्काल उसे पकड़ा नहीं जा सका।

मामले में पंचवटी पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर नजर रख रही है।

पुलिस इस बात की भी जांच कर सकती है कि बरामद MD ड्रग्स आरोपी के पास कहां से पहुंची थी और इसे किन लोगों को बेचा जाना था। नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में सप्लाई चेन का पता लगाना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

MD यानी मेफेड्रोन एक प्रतिबंधित सिंथेटिक नशीला पदार्थ है। इसकी अवैध खरीद-बिक्री और तस्करी पर NDPS कानून के तहत कार्रवाई की जाती है। शहरों में इस तरह के नशीले पदार्थों की बिक्री पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। इसी कारण एंटी-नारकोटिक्स इकाइयां मुखबिरों और तकनीकी सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखती हैं।

वाघाड़ी में हुई इस कार्रवाई में भी पुलिस को पहले सूचना मिली थी कि संदिग्ध के घर पर नशीले पदार्थ रखे हुए हैं। सूचना की पुष्टि और आवश्यक तैयारी के बाद टीम ने छापा मारा। लंबे समय तक चली तलाशी के बाद नशीला पदार्थ बरामद किया गया।

पुलिस के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण चुनौती फरार आरोपी को गिरफ्तार करना है। उसकी गिरफ्तारी के बाद यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि वह कब से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था और क्या उसके खिलाफ पहले भी नशीले पदार्थों से जुड़े मामले दर्ज हैं। साथ ही उसके संपर्कों की जांच से संभावित नेटवर्क के बारे में जानकारी मिल सकती है।

जांच में यह भी पता लगाया जा सकता है कि बरामद ड्रग्स स्थानीय स्तर पर बिक्री के लिए रखी गई थी या इसे शहर के दूसरे हिस्सों में पहुंचाया जाना था। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, संपर्कों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर सकती है, यदि जांच के दौरान इससे संबंधित साक्ष्य सामने आते हैं।

नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जाती रही है। खासकर युवाओं तक सिंथेटिक ड्रग्स की पहुंच को रोकना कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए प्राथमिकता का विषय है। MD जैसे नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री सामाजिक और कानून-व्यवस्था दोनों दृष्टि से गंभीर चुनौती मानी जाती है।

पुलिस का प्रयास केवल ड्रग्स जब्त करने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसके स्रोत और वितरण नेटवर्क तक पहुंचना भी महत्वपूर्ण होता है। इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी जांच को आगे बढ़ाने में अहम साबित हो सकती है। पूछताछ के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि नशीला पदार्थ किस व्यक्ति से लिया गया था और संभावित खरीदार कौन थे।

पंचवटी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है। फरार आरोपी को पकड़ने के लिए उसके परिचितों और संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छापेमारी की भनक उसे कैसे लगी और वह किस दिशा में फरार हुआ।

इस कार्रवाई के बाद इलाके में भी चर्चा का माहौल है। रिहायशी क्षेत्र में इतनी मात्रा में नशीला पदार्थ कथित रूप से बिक्री के लिए रखे जाने की सूचना ने स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ाई है। पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की जिम्मेदारी है कि आरोपी अकेले इस गतिविधि में शामिल था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए थे।

एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड की कार्रवाई में करीब 100 ग्राम MD जब्त होने को महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। हालांकि मुख्य संदिग्ध के फरार होने के कारण जांच अभी जारी है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही ड्रग्स की सप्लाई और बिक्री से जुड़े कई सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे।

फिलहाल पंचवटी पुलिस ने रवि राजू भालेराव के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। करीब 3 लाख रुपये कीमत की 100 ग्राम MD जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश के साथ-साथ इस मामले से जुड़े संभावित ड्रग नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाने में जुटी है।

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