मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को घोषणा की कि भारत 17 से 19 फरवरी को जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में मुंबई जलवायु सप्ताह (एमसीडब्ल्यू) के उद्घाटन संस्करण की मेजबानी करेगा।
यह कार्यक्रम महाराष्ट्र सरकार के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के साथ साझेदारी में प्रोजेक्ट मुंबई द्वारा आयोजित किया जाएगा तथा बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा समर्थित होगा।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुंबई जलवायु सप्ताह का उद्देश्य वैश्विक दक्षिण में जलवायु कार्रवाई के लिए एक प्रमुख मंच बनना है, जिसमें भारत नेतृत्व की भूमिका निभाएगा।
इस आयोजन के बारे में बोलते हुए, मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, "जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में संवाद से आगे बढ़कर कार्रवाई की ओर बढ़ने का समय आ गया है। मुंबई जलवायु सप्ताह एक बेहतरीन पहल है जो न केवल जलवायु परिवर्तन के प्रयासों का जश्न मनाता है, बल्कि नागरिकों, व्यवसायों और संस्थानों को भी कार्रवाई के लिए प्रेरित करता है। यह महाराष्ट्र और मुंबई के लिए मानक स्थापित करेगा और हमें मूकदर्शक बने रहने के बजाय ठोस कदम उठाने के लिए प्रेरित करेगा। हम वैश्विक समुदाय तक पहुँचकर एमसीडब्ल्यू को एक वैश्विक आयोजन बनाएंगे, जहाँ वास्तव में आशा और कार्रवाई का मिलन हो।"
मुख्यमंत्री ने प्रमुख जलवायु विशेषज्ञों के साथ इस कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की। 30 से ज़्यादा देशों के प्रतिनिधियों के इसमें भाग लेने की उम्मीद है। वे मुंबई आकर शहर के नेताओं, राज्य के मुख्यमंत्रियों, नागरिक समाज समूहों, कॉर्पोरेट जगत, छात्रों और युवाओं के साथ मिलकर एक व्यावहारिक जलवायु कार्य योजना तैयार करेंगे।
इस पहल के बारे में बात करते हुए, प्रोजेक्ट मुंबई के संस्थापक और सीईओ शिशिर जोशी ने कहा, "मुंबई जलवायु सप्ताह महाराष्ट्र और भारत के लिए एक ऐतिहासिक कदम है क्योंकि हम वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को एकजुट और सशक्त बना रहे हैं। यह अनूठा मंच समावेशी सहयोग और प्रासंगिक समाधानों के माध्यम से जलवायु-लचीले समुदायों को सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। एमसीडब्ल्यू परिवर्तनकारी प्रभाव को उत्प्रेरित करेगा और सीमाओं से परे साझेदारी को बढ़ावा देगा।"
मॉनिटर डेलॉइट रणनीतिक ज्ञान साझेदार होगा। कई प्रमुख संगठन पहले ही साझेदार और समर्थक के रूप में शामिल हो चुके हैं, जिनमें क्लाइमेट ग्रुप (न्यूयॉर्क क्लाइमेट वीक का मेज़बान), इंडिया क्लाइमेट कोलैबोरेटिव, डब्ल्यूआरआई, एवरसोर्स, एचटी पारेख फाउंडेशन, यूनिसेफ, आईएसईजी, शक्ति फाउंडेशन, रेनमैटर फाउंडेशन, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शामिल हैं।
मुंबई जलवायु सप्ताह का पहला संस्करण तीन संबंधित विषयों पर केंद्रित होगा: खाद्य प्रणालियाँ, ऊर्जा परिवर्तन और शहरी लचीलापन। प्रत्येक विषय को न्याय, नवाचार और वित्त पोषण के दृष्टिकोण से परखा जाएगा। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इससे यह सुनिश्चित होता है कि एमसीडब्ल्यू मंच जलवायु अनुकूलन और शमन, दोनों रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करे।
यह मंच नागरिकों और जमीनी स्तर की पहलों को आवाज़ देगा। मानसिक स्वास्थ्य, कला, अध्यात्म, खेल और सिनेमा जैसे विषय इस सप्ताह की गतिविधियों में शामिल होंगे। जनभागीदारी के एक हिस्से के रूप में एक जलवायु-केंद्रित खाद्य महोत्सव की भी योजना बनाई जा रही है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि फरवरी में होने वाले इस आयोजन से पहले, विभिन्न प्रारंभिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें विभिन्न हितधारकों के बीच कार्य समूह, नवाचार मानचित्रण अभ्यास, आवेदन आमंत्रित करना, कार्यशालाएं, गोलमेज बैठकें और सम्मेलन शामिल हैं।
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