मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सोमवार सुबह लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित होने से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मध्य रेलवे के मुलुंड और ठाणे रेलवे स्टेशनों के बीच डाउन स्लो लाइन पर ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) का तार लटकने से ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। सुबह के व्यस्त समय में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण कई लोकल ट्रेनें रास्ते में रुक गईं। यात्रियों को लंबे समय तक ट्रेनों के भीतर इंतजार करना पड़ा। स्थिति इतनी परेशान करने वाली हो गई कि कुछ यात्री ट्रेन से उतरकर रेलवे ट्रैक के सहारे पैदल आगे बढ़ते दिखाई दिए। इस घटना से मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन व्यवस्था में भारी अव्यवस्था देखने को मिली।
मुलुंड और ठाणे के बीच आई तकनीकी खराबी
सोमवार सुबह मुलुंड और ठाणे स्टेशनों के बीच डाउन स्लो लाइन पर ओएचई तार लटकने की समस्या सामने आई।ओएचई यानी ओवरहेड इक्विपमेंट रेलवे की विद्युत आपूर्ति प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसी व्यवस्था के जरिए इलेक्ट्रिक ट्रेनों को बिजली मिलती है।तार में खराबी आने या उसके निर्धारित स्थिति से नीचे लटकने पर ट्रेनों का सुरक्षित संचालन प्रभावित हो सकता है।इस तरह की स्थिति में रेलवे को सुरक्षा कारणों से संबंधित लाइन पर परिचालन रोकना पड़ सकता है।मुलुंड और ठाणे के बीच आई खराबी के कारण लोकल ट्रेन सेवाओं पर असर पड़ा और यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
सुबह 9:23 बजे सामने आई समस्या
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला के अनुसार, सुबह करीब 9:23 बजे मुलुंड और ठाणे के बीच डाउन स्लो लाइन पर ओएचई से एक बाहरी तार लटकता पाया गया।यह स्थान छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से लगभग 31.146 किलोमीटर दूर है।रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुबह 10 बजे आपातकालीन ओएचई ब्लॉक लिया। इस दौरान संबंधित हिस्से में बिजली आपूर्ति रोककर तार हटाने का काम शुरू किया गया।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित लाइन पर लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद सेवाएं बहाल की गईं।
कांजूरमार्ग में भी आई बड़ी तकनीकी खराबी
मुलुंड और ठाणे के बीच ओएचई तार की समस्या के अलावा कांजूरमार्ग स्टेशन पर भी तकनीकी खराबी सामने आई।रेलवे के अनुसार, कांजूरमार्ग की रिले रूम में आग लगने से सिग्नल प्रणाली प्रभावित हुई। इसके कारण कई सिग्नल काम करना बंद कर गए।इस खराबी का असर विक्रोली और भांडुप के बीच ट्रेनों की आवाजाही पर पड़ा।एक ही सुबह दो अलग-अलग तकनीकी समस्याएं सामने आने से मध्य रेलवे की मुख्य लाइन पर परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ।रेलवे प्रशासन को ट्रेनों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए विशेष परिचालन व्यवस्था अपनानी पड़ी।
ट्रेनों में घंटों फंसे रहे यात्री
सोमवार सुबह का समय मुंबई लोकल के लिए सबसे व्यस्त समय में से एक होता है।इस दौरान हजारों लोग अपने कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और अन्य कार्यस्थलों तक पहुंचने के लिए लोकल ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं।तकनीकी खराबी के कारण कई ट्रेनें बीच रास्ते में रुक गईं। कुछ यात्रियों ने एक घंटे से अधिक समय तक ट्रेन में फंसे रहने की शिकायत की।शुरुआत में कई सेवाएं 15 से 30 मिनट तक देरी से चल रही थीं, लेकिन सिग्नल प्रणाली प्रभावित होने के बाद कुछ ट्रेनों में देरी 60 से 90 मिनट तक पहुंच गई।
इससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई।
ट्रैक पर पैदल चलते दिखाई दिए यात्री
लोकल ट्रेनें लंबे समय तक रुकी रहने के कारण कुछ यात्रियों ने जोखिम उठाकर रेलवे ट्रैक पर पैदल चलना शुरू कर दिया।मुलुंड और नाहुर स्टेशनों के बीच यात्रियों के पटरियों पर चलते हुए वीडियो भी सामने आए।वीडियो में यात्री ट्रेनों से उतरकर रेलवे लाइन के सहारे आगे बढ़ते दिखाई दिए।हालांकि, रेलवे ट्रैक पर पैदल चलना बेहद खतरनाक है। किसी भी समय ट्रेन का परिचालन शुरू होने, दूसरी लाइन पर ट्रेन आने या विद्युत उपकरणों के संपर्क में आने से गंभीर दुर्घटना हो सकती है।ऐसी स्थिति में यात्रियों को रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती गई भीड़
लोकल ट्रेनों का समय बिगड़ने से मध्य रेलवे के कई स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई।ट्रेनें देरी से आने के कारण प्लेटफॉर्मों पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।जो ट्रेनें स्टेशनों पर पहुंच रही थीं, उनमें पहले से काफी भीड़ मौजूद थी। ऐसे में यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने के लिए भी परेशानी उठानी पड़ी।ठाणे, मुलुंड और कल्याण की ओर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष रूप से असुविधा का सामना करना पड़ा।कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।
दूसरे रेल मार्गों का लिया सहारा
मुख्य लाइन पर सेवाएं प्रभावित होने के बाद कुछ यात्रियों ने ट्रांस हार्बर और हार्बर लाइन का विकल्प चुना।ठाणे से यात्रियों ने वाशी और सानपाड़ा की ओर यात्रा की और वहां से आगे की लोकल ट्रेनें पकड़ीं।हालांकि, वैकल्पिक मार्गों पर भी यात्रियों की संख्या बढ़ने से भीड़ की समस्या सामने आई।कुछ लोगों को अपने कार्यालय पहुंचने में सामान्य से कई घंटे अधिक समय लगा।
इससे दैनिक यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई।
रेलवे ने परिचालन बहाल करने के लिए उठाए कदममध्य रेलवे प्रशासन ने तकनीकी खराबी सामने आने के बाद संबंधित कर्मचारियों को मरम्मत कार्य में लगाया।ओएचई से लटक रहे तार को हटाने के लिए बिजली आपूर्ति बंद की गई।वहीं, कांजूरमार्ग में सिग्नल प्रणाली प्रभावित होने के कारण विशेष नियमों के तहत ट्रेनों का परिचालन नियंत्रित किया गया।रेलवे ने यात्रियों को सेवाओं में देरी की जानकारी देते हुए असुविधा के लिए खेद भी जताया।प्रभावित हिस्सों में परिचालन शुरू होने के बाद ट्रेनों को धीरे-धीरे निर्धारित समय पर लाने के प्रयास किए गए।
मुंबई लोकल पर निर्भर हैं लाखों लोग
मुंबई की लोकल ट्रेन सेवा महानगर की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है।मध्य रेलवे की मुख्य लाइन दक्षिण मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस को ठाणे और कल्याण से जोड़ती है।कल्याण से आगे रेल मार्ग कसारा और खोपोली की ओर जाता है।इस पूरे नेटवर्क से रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में किसी एक महत्वपूर्ण हिस्से पर तकनीकी खराबी आने से बड़ी संख्या में लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है।
तकनीकी खराबी ने उठाए कई सवाल
सोमवार सुबह सामने आई दो तकनीकी समस्याओं ने लोकल ट्रेनों के रखरखाव और यात्रियों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि ट्रेनों में लंबे समय तक रुकने के बावजूद उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं मिल रही थी।यात्रियों की सुरक्षा और समयबद्ध परिचालन के लिए तकनीकी निगरानी के साथ प्रभावी सूचना व्यवस्था भी जरूरी है।