छत्रपति संभाजीनगर: महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने और यौन उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिले में बड़ा निरीक्षण अभियान चलाया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 यानी POSH एक्ट के प्रभावी पालन की जांच के लिए कुल 374 सरकारी और निजी कार्यालयों का निरीक्षण किया गया।
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कोमल कोरे ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के दौरान जिले के विभिन्न संस्थानों की कार्यप्रणाली और POSH एक्ट के तहत जरूरी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। निरीक्षण में 154 सरकारी कार्यालयों और 220 निजी संस्थानों को शामिल किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने जून 2026 में यह विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया था। इसका उद्देश्य यह पता लगाना था कि राज्य के सरकारी कार्यालय, निजी कंपनियां, संस्थान और उनकी शाखाएं POSH एक्ट, 2013 के प्रावधानों का पालन कर रही हैं या नहीं।
निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि कार्यालयों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर किस तरह की व्यवस्थाएं मौजूद हैं। इसके अलावा यह भी जांच की गई कि संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee-ICC) का गठन किया गया है या नहीं।
POSH एक्ट के तहत 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। यह समिति कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच करती है और पीड़ित महिला को न्याय दिलाने की प्रक्रिया में सहायता करती है।
निरीक्षण अभियान के दौरान अधिकारियों ने संस्थानों को POSH एक्ट के नियमों और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी भी दी। उन्हें महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण तैयार करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने बताया कि कई बार जानकारी के अभाव में संस्थान कानून के प्रावधानों का पूरी तरह पालन नहीं कर पाते। ऐसे में विभाग की ओर से जागरूकता बढ़ाने और नियमों की जानकारी देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग का कहना है कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संस्थानों की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। महिलाओं को बिना किसी डर के काम करने का माहौल मिलना जरूरी है।
निरीक्षण अभियान के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि सभी सरकारी और निजी संस्थान POSH एक्ट के तहत तय मानकों को पूरा करें।
अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में भी इस तरह के निरीक्षण जारी रहेंगे। जिन संस्थानों में नियमों का पालन नहीं पाया जाएगा, उन्हें आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जाएंगे।
POSH एक्ट 2013 का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न को रोकना और शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था उपलब्ध कराना है। यह कानून महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण देने के लिए बनाया गया है।
महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ने के साथ कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी हो गया है। इसी उद्देश्य से सरकार समय-समय पर संस्थानों की निगरानी करती है।
जिले में हुए इस निरीक्षण अभियान को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
अधिकारियों ने सभी कार्यालयों और संस्थानों से अपील की है कि वे POSH एक्ट के नियमों का गंभीरता से पालन करें और महिला कर्मचारियों को शिकायत दर्ज कराने के लिए उचित व्यवस्था उपलब्ध कराएं।