भारत बनेगा एडवांस मैन्युफैक्चरिंग हब, CM देवेंद्र फडणवीस बोले

Update: 2025-10-29 15:56 GMT
Mharashtra महाराष्ट्र: उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि भारत अब वैश्विक स्तर पर एडवांस मैन्युफैक्चरिंग (उन्नत विनिर्माण) का केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि नीति आयोग (NITI Aayog) ने एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है, जिसमें यह बताया गया है कि भारत कैसे हाई-टेक इंडस्ट्रीज का हब बन सकता है। फडणवीस ने पुणे में आयोजित एक उद्योगिक सम्मेलन में कहा, “आज नीति आयोग ने जो रिपोर्ट जारी की है, वह भारत के लिए एक रोडमैप है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तकनीकी क्रांति के चलते नए अवसर पैदा हो रहे हैं। यदि हम इनका सही उपयोग करें, तो भारत आने वाले दशक में एडवांस मैन्युफैक्चरिंग में विश्व लीडर बन सकता है।”
उन्होंने कहा कि भारत का विनिर्माण क्षेत्र तेजी से इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों — जैसे ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और डेटा एनालिटिक्स — को अपना रहा है। “ये तकनीकें उत्पादन क्षमता बढ़ाने, लागत घटाने और उत्पाद की गुणवत्ता सुधारने में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं,” उन्होंने जोड़ा। फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का फोकस ‘मेक इन इंडिया, स्किल इन इंडिया और डिजिटल इंडिया’ जैसी योजनाओं के जरिए देश को विनिर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा, “आज हमारे पास निवेश, नवाचार और मानव संसाधन की वह ताकत है, जो किसी भी देश को इंडस्ट्रियल पॉवरहाउस बना सकती है।”
उन्होंने महाराष्ट्र की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि पुणे, औरंगाबाद, नागपुर और मुंबई जैसे शहर उन्नत विनिर्माण और ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। “महाराष्ट्र ने हाल के वर्षों में कई विदेशी कंपनियों को आकर्षित किया है, जो अब यहां अपने रिसर्च और प्रोडक्शन यूनिट स्थापित कर रही हैं,” उन्होंने कहा। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम और ई-गवर्नेंस प्रक्रियाएं लागू कर रही है, ताकि उद्योगों को आसानी से काम करने का वातावरण मिल सके।
फडणवीस ने आगे कहा कि नई औद्योगिक नीति का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं बल्कि सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग को भी प्रोत्साहित करना है। “हम ऐसे मॉडल की दिशा में बढ़ रहे हैं जो ग्रीन एनर्जी, रिन्यूएबल रिसोर्सेज और पर्यावरणीय संतुलन पर आधारित हो,” उन्होंने कहा। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अगले पाँच वर्षों में ग्लोबल वैल्यू चेन (GVC) में अपनी हिस्सेदारी को दोगुना कर सकता है। रिपोर्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, फार्मा, एविएशन और रक्षा जैसे क्षेत्रों को एडवांस मैन्युफैक्चरिंग के प्रमुख स्तंभ बताया गया है।फडणवीस ने कहा कि “अगर हम नीति आयोग के सुझावों पर अमल करें, तो भारत न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया का मैन्युफैक्चरिंग कैपिटल बन सकता है। यह सिर्फ आर्थिक विकास का नहीं बल्कि रोजगार सृजन और सामाजिक सशक्तिकरण का भी मार्ग बनेगा।
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