मुंबई : मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर नवाले ब्रिज के पास एक कारोबारी से कथित तौर पर ₹1 करोड़ लूटने की कोशिश के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में खुद को पत्रकार बताने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो पुलिसकर्मियों समेत कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला कथित साजिश और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ा हुआ है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान आशीष तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि मामले में गणेश कदम, विक्रम चाकणकर और अमे कारले समेत अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इसके अलावा एक अन्य संदिग्ध की तलाश की जा रही है, जिसके बारे में पुलिस को आशंका है कि उसने इस पूरी साजिश में अहम भूमिका निभाई हो सकती है।
मामले में खेड़ शिवपुर पुलिस चौकी से जुड़े एक कॉन्स्टेबल और एक महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को भी सह-आरोपी बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पुलिसकर्मी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित साजिश में उनकी क्या भूमिका रही।
जानकारी के अनुसार, यह घटना मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर नवाले ब्रिज के पास हुई। आरोप है कि आरोपियों ने एक कारोबारी से बड़ी रकम लूटने की योजना बनाई थी। पुलिस को मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू की गई और धीरे-धीरे कथित साजिश में शामिल लोगों की पहचान की गई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कुछ लोगों ने मिलकर कारोबारी को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आशीष तिवारी को गिरफ्तार किया। अब पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है। इसमें यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों के बीच किस तरह का संपर्क था और उन्होंने वारदात को अंजाम देने के लिए क्या योजना बनाई थी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी आशीष तिवारी वास्तव में किसी मीडिया संस्थान से जुड़ा था या उसने केवल पहचान छिपाने के लिए पत्रकार होने का दावा किया था। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में पुलिसकर्मियों के नाम सामने आने के बाद विभाग में भी हलचल मच गई है। पुलिस विभाग की ओर से फरार कर्मचारियों की तलाश की जा रही है और मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अपराध विशेषज्ञों के अनुसार, किसी आपराधिक मामले में पुलिसकर्मियों की कथित संलिप्तता गंभीर चिंता का विषय होती है, क्योंकि पुलिस की भूमिका कानून व्यवस्था बनाए रखने की होती है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई जरूरी मानी जाती है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और उससे मिली जानकारी के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने के साथ पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा।
मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर हुई इस कथित लूट की कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हाईवे जैसे व्यस्त मार्गों पर इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत बताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में अभी जांच जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना है। फिलहाल पुलिस फरार पुलिसकर्मियों और अन्य संदिग्धों की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही है।