सरकारी नौकरी का झांसा देकर 70 लाख ऐंठे, 5 गिरफ्तार

Update: 2026-07-27 09:25 GMT

ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 70 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पीड़ित को सरकारी नौकरी का भरोसा दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया और नकली नियुक्ति पत्र व सरकारी पहचान पत्र देकर उसका विश्वास जीता। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक धमकी देने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ठगी का शिकार हुआ व्यक्ति ठाणे का रहने वाला 28 वर्षीय युवक है। आरोपियों ने उसे महाराष्ट्र सरकार के राजस्व और वन विभाग में क्लर्क-कम-टाइपिस्ट पद पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। सरकारी नौकरी की चाहत में युवक आरोपियों के संपर्क में आया और उनकी बातों पर भरोसा कर बैठा।

आरोपियों ने युवक को विश्वास में लेने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए। उन्होंने उसे मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के नकली हस्ताक्षर और मुहर लगे हुए नियुक्ति पत्र दिखाए। इसके अलावा उसके नाम से एक नकली सरकारी पहचान पत्र भी बनाकर दिया गया। इन दस्तावेजों को देखकर युवक को लगा कि उसकी नौकरी वास्तव में लग गई है और उसने आरोपियों को पैसे देने शुरू कर दिए।

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित ने पिछले एक साल के दौरान अलग-अलग किस्तों में आरोपियों को कुल 70 लाख रुपये दे दिए। आरोपियों ने उसे भरोसा दिलाया था कि पैसे देने के बाद उसकी सरकारी नौकरी पक्की हो जाएगी और जल्द ही उसे विभाग में ज्वाइनिंग मिल जाएगी।

हालांकि, काफी समय बीतने के बाद भी जब युवक को नौकरी नहीं मिली तो उसे शक हुआ। उसने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि इस पर आरोपियों ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया और उसे धमकियां भी दीं। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

नारपोली पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए युवक को विश्वास में लेकर ठगी की। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में लोग अक्सर सरकारी नौकरी की लालसा में बिना जांच-पड़ताल के बड़ी रकम दे देते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या आरोपी इससे पहले भी किसी अन्य व्यक्ति को इसी तरह ठगी का शिकार बना चुके हैं। पुलिस फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले लोगों और इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की भी तलाश कर रही है।

इस घटना के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को बड़ी रकम देने से पहले पूरी जानकारी जरूर हासिल करें। किसी भी सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पैसे देकर नौकरी मिलने का दावा पूरी तरह संदिग्ध होता है। अधिकारियों ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे मांगता है तो इसकी शिकायत तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग से करनी चाहिए।

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