मुंबई। महाराष्ट्र के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई देने के लिए महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम (MTDC) ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य पर्यटन बोर्ड ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत अपने पांच प्रमुख रिसॉर्ट्स को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना तैयार की है। इसके तहत ताडोबा, मिथबाव, महाबलेश्वर, माथेरान और हरिहरेश्वर स्थित पर्यटन परिसरों का बड़े स्तर पर विकास और अपग्रेड किया जाएगा।
इन परियोजनाओं की निगरानी के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य पर्यटन प्राधिकरण ने विकास, निर्माण और संचालन के सभी चरणों की देखरेख के लिए एक स्वतंत्र प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एजेंसी नियुक्त करने को लेकर प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।
PPP मॉडल से होगा रिसॉर्ट्स का कायाकल्प
MTDC की योजना के अनुसार, इन पांच प्रमुख पर्यटन स्थलों पर मौजूद रिसॉर्ट्स को निजी भागीदारी के जरिए विकसित किया जाएगा। इसके लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे सरकारी संसाधनों के साथ निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और निवेश का इस्तेमाल किया जा सके।
इस परियोजना का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और महाराष्ट्र के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप तैयार करना है।
सरकार का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं से लैस रिसॉर्ट्स बनने के बाद पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
पांच प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होगा विकास
इस योजना के तहत जिन पांच स्थानों को चुना गया है, वे महाराष्ट्र के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हैं।
ताडोबा: यह क्षेत्र अपने वन्यजीव पर्यटन और बाघ अभयारण्य के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेहतर आवास और सुविधाओं की जरूरत महसूस की जा रही थी।
मिथबाव: समुद्री पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र को बेहतर पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
महाबलेश्वर: महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में शामिल महाबलेश्वर में पर्यटकों की भारी संख्या को देखते हुए आधुनिक रिसॉर्ट सुविधाओं पर जोर दिया जाएगा।
माथेरान: पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील और लोकप्रिय पर्यटन स्थल माथेरान में सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जाएगा।
हरिहरेश्वर: धार्मिक और समुद्री पर्यटन के लिए प्रसिद्ध इस क्षेत्र में भी पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने की योजना है।
स्वतंत्र एजेंसी करेगी निगरानी
परियोजना की गुणवत्ता और समय पर काम पूरा कराने के लिए एक स्वतंत्र प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एजेंसी नियुक्त की जाएगी। यह एजेंसी रिसॉर्ट्स के विकास, निर्माण और संचालन से जुड़े सभी चरणों की निगरानी करेगी।
राज्य पर्यटन प्राधिकरण ने इसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी किया है। विशेषज्ञ एजेंसी परियोजना की प्रगति, गुणवत्ता नियंत्रण और तय मानकों के पालन पर नजर रखेगी।
इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निजी भागीदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
DBFOT मॉडल के तहत होगा संचालन
इन पर्यटन परियोजनाओं को डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर (DBFOT) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा।
इस व्यवस्था में निजी कंसेशनरी परियोजना की डिजाइन और निर्माण से लेकर वित्तीय व्यवस्था और संचालन तक की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके बाद तय अवधि पूरी होने पर परियोजना सरकार को वापस हस्तांतरित की जाएगी।
निजी कंपनियों को 30 से 60 साल तक लंबी अवधि के लिए संचालन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इससे उन्हें निवेश की भरपाई और परियोजना को बेहतर तरीके से संचालित करने का अवसर मिलेगा।
पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार
महाराष्ट्र में पर्यटन क्षेत्र रोजगार और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्य में समुद्री तट, पहाड़, वन्यजीव क्षेत्र और धार्मिक स्थल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
सरकार का मानना है कि बेहतर बुनियादी ढांचे और आधुनिक सुविधाओं से पर्यटन उद्योग को और बढ़ावा मिलेगा। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय बाजार और छोटे व्यवसायों को भी लाभ पहुंचने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों के लिए बढ़ेंगे अवसर
पर्यटन परियोजनाओं के विस्तार से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। रिसॉर्ट्स के संचालन, परिवहन, गाइड सेवाओं, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की बिक्री में लोगों को फायदा मिलने की संभावना है।
सरकार की कोशिश है कि बड़े पर्यटन विकास कार्यों का लाभ स्थानीय समुदाय तक भी पहुंचे।
महाराष्ट्र पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
MTDC की यह योजना महाराष्ट्र के पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। PPP मॉडल के जरिए निजी निवेश और विशेषज्ञता का उपयोग कर राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों को नई पहचान देने की तैयारी है।
अब इन परियोजनाओं की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि विकास कार्य कितनी तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरे होते हैं। यदि योजना सफल रहती है तो महाराष्ट्र के ये पांच प्रमुख पर्यटन स्थल देश-विदेश के पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बन सकते हैं।