Mumbai, मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने राज्य सरकार द्वारा थ्री लैंग्वेज पॉलिसी (तीन भाषा नीति) को रोकने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "यह मराठी जनाक्रोश की जीत है और सरकार को जनता के दबाव में झुकना पड़ा।" सरकार ने हाल ही में प्रस्तावित तीन भाषा नीति, जिसमें अंग्रेज़ी, हिंदी और मराठी को समान रूप से अनिवार्य करने की बात कही गई थी, को फिलहाल के लिए रोक दिया है। इस नीति का राज्य में शिक्षा और भाषायी पहचान के मुद्दे पर विरोध हुआ था, खासकर मराठी समर्थक संगठनों द्वारा।
राज ठाकरे ने कहा कि “मराठी भाषा को किसी और भाषा के बराबर नहीं रखा जा सकता। सरकार को यह समझना चाहिए कि यह केवल भाषा नहीं, बल्कि अस्मिता का सवाल है।” राज्य शिक्षा विभाग के अनुसार, तीन भाषा नीति पर पुनर्विचार किया जा रहा है और सभी पक्षों से बातचीत के बाद कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।